प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं प्रवीण कुमार.

ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के बलबूते व्यक्ति शीघ्र ही लोकप्रियता के शिखर पर पहुंच जाता है। अपने कर्तव्यों के प्रति सजग व गंभीर रहते हुए ईमानदारी पूर्वक जिम्मेदारियों को निभाना व्यक्ति की महानता का परिचायक होता है। ऐसे व्यक्ति समाज के हर वर्ग के चहेते होते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं चक्रधरपुर में पदस्थापित पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी प्रवीण कुमार। शहर को अपराध मुक्त करना और बेहतर विधि व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। श्री कुमार अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर काफी कम समय में ही समाज के बीच एक साफ-सुथरी छवि स्थापित करने में सफल रहे हैं। वह एक तेज-तर्रार और जांबाज पुलिस अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। विभागीय कार्यों का त्वरित निष्पादन करने और अपराध नियंत्रण में सक्रिय भूमिका निभाने में उन्हें निपुणता हासिल है। मूल रूप से बिहार के गोपालगंज जिले के निवासी प्रवीण कुमार की प्रारंभिक शिक्षा गोपालगंज से ही हुई। वहीं से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास की। तत्पश्चात मुजफ्फरपुर स्थित लंगट सिंह कॉलेज से इंटरमीडिएट किया। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए पटना आ गए और पटना कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद भी उनकी पढ़ाई की लगन जारी रही। उन्होंने दिल्ली स्थित करोड़ीमल कॉलेज से स्नातकोत्तर किया। शिक्षण कार्य के प्रति उनकी अभिरुचि बनी रही। स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह एक कॉलेज में व्याख्याता के रूप में भी जुड़े। इसके बाद उन्होंने पुलिस विभाग से जुड़कर देश व समाज की सेवा करने का निर्णय लिया। वर्ष 2012 में श्री कुमार पुलिस विभाग में नियुक्त हुए। नियुक्ति के पश्चात विभिन्न स्थानों पर पदस्थापित रहे और अपनी बहुमुखी प्रतिभा प्रदर्शित कर विभाग के कार्यों को गति देने में सफल रहे। उन्होंने पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के निर्देशन में गुमला में प्रशिक्षण प्राप्त किया। झारखंड जगुआर में भी वह कुछ दिनों तक रहे और वहां भी विभागीय प्रशिक्षण प्राप्त कर बखूबी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहे। श्री कुमार की पहली पदस्थापना धनबाद स्थित बरहोरा थाने में हुई। धनबाद में उन्होंने कई ऐसे उल्लेखनीय कार्य किए, जिसकी सराहना की जाती है। उन्होंने अपने आला अधिकारियों के निर्देशानुसार जनहित के कार्यों को निपटाने में कुशलता पूर्वक कार्य किया। इससे कम समय में ही विभागीय अधिकारियों सहित जनता के चहेते अधिकारियों में उनका नाम शुमार हो गया। वह चाईबासा में अंचल पुलिस निरीक्षक के पद पर भी सेवारत रहे हैं। चाईबासा में अपराध नियंत्रण की दिशा में उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य किए, जिसकी चर्चा आज भी वहां की जनता करती है। वर्तमान में प्रवीण कुमार चक्रधरपुर थाने में बतौर पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी पदस्थापित हैं। यहां विभागीय कार्यों को निपटा ते हुए विभिन्न धर्म व समुदायों के सामाजिक- सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी शिरकत कर सामाजिक समरसता की मिसाल कायम कर रहे हैं। चक्रधरपुर की अमन पसंद जनता अपराध नियंत्रण की दिशा में श्री कुमार के द्वारा की जा रही पहल की सराहना करते नहीं थकते। श्री कुमार का मानना है कि अपराध मुक्त समाज से ही स्वच्छ और स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में मार्ग प्रशस्त होता है। बेहतर विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए और अपराध मुक्त समाज के लिए पुलिस विभाग के साथ साथ जनता का भी सहयोग जरूरी है। वह बताते हैं कि बिना जन सहयोग से हम बेहतर विधि -व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में सफल नहीं हो सकते हैं। प्रवीण कुमार एक तेज-तर्रार पुलिस अधिकारी के अलावा मृदुभाषी, शालीन व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति भी हैं। आम जनता के लिए वह एक सरल, सहज इंसान हैं, वहीं, अपराधियों के लिए वह कहर बनकर बरपते हैं। उनका कहना है कि समाज व देश की तरक्की और समृद्धि के लिए हर वर्ग के नागरिकों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हुए सामाजिक नव निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाते रहना चाहिए। आज इससे हमारा देश और समाज मजबूत होगा।

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