युवाओं के लिए रोजगार सृजन की संभावनाएं तलाश रहे हेमंत, मंत्रिपरिषद गठन के बाद बेरोजगारी दूर करने के प्रयास होंगे तेज

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रांची : झारखंड की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नए क्षेत्रों में रोजगार के विकल्प और रोजगार सृजन की संभावनाओं की तलाश में जुट गए हैं। इससे बेरोजगारी का दंश झेलते युवाओं में नई आस बंधी है। विदित हो कि विधानसभा चुनाव के पूर्व झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने घोषणा पत्र में बेरोजगारी दूर करने संबंधी ठोस कदम उठाने का वादा भी किया था। इसके अनुरूप नई सरकार ने इस मुद्दे पर शीघ्र और प्रभावी कदम उठाने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं। झामुमो के घोषणापत्र में किए गए दावों के अनुसार हेमंत सोरेन बेरोजगारी को एक गंभीर मुद्दा मानते हुए रोजगार के नए विकल्प तलाशने के लिए गंभीरता से जुट गए हैं। गौरतलब है कि झारखंड देश के उन 11 राज्यों में शुमार है, जहां बेरोजगारी दर अधिक है। यह एक सर्वेक्षण से भी स्पष्ट हो चुका है। यही नहीं, बल्कि राज्य की 50 प्रतिशत आबादी कृषि पर पूरी तरह से निर्भर है। जबकि 39 प्रतिशत से अधिक लोग राज्य में गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर कर रहे हैं। रोजगार की समस्या को लेकर चुनाव के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा बड़ी-बड़ी घोषणाएं और उसे सुलझाने के वादे किए गए। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी अपने घोषणापत्र में बेरोजगारी दूर करने की बात कही थी। उन वादों के अनुरूप हेमंत सरकार से युवाओं की आस भी हिलोरें मार रही है। हेमंत सोरेन ने इस दिशा में भी प्रयास शुरू कर दिए हैं कि राज्य के किन- किन विभागों में कितने पद खाली हैं। जिलों में रिक्त पड़े पदों की क्या स्थिति है। प्राप्त जानकारी के अनुसार हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद विभिन्न विभागों में रिक्तियों की जानकारी जुटाने में लगे हैं। उन्होंने चरणबद्ध तरीके से उन रिक्त पदों को भरने का अभियान शुरू करने की दिशा में भी पहल की है। बताया जा रहा है कि राज्य मंत्रिपरिषद के पूर्ण गठन होने के तत्काल बाद से ही हेमंत सोरेन इस दिशा में प्रयास और तेज करेंगे। उनका मानना है कि हर किसी को तो सरकारी नौकरी दी भी नहीं जा सकती। इसलिए उन्होंने रोजगार के अन्य विकल्पों को तलाशने की दिशा में भी पहल शुरू कर दी है। इसके साथ ही नए क्षेत्रों में रोजगार सृजन करने के लिए भी वह कृतसंकल्प नजर आ रहे हैं। राज्य में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, वन, खनन के अतिरिक्त पर्यटन और खेल के क्षेत्र में भी रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। इसे अमली जामा पहनाने के लिए हेमंत सोरेन ने प्रयास शुरू किए हैं। जानकारी के अनुसार स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बेरोजगारी की समस्या के निदान के लिए परामर्श लेने हेतु युवाओं का आह्वान किया गया है। श्री सोरेन युवाओं में दक्षता विकास के साथ-साथ उन्हें वित्तीय सहायता देने की दिशा में भी गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उनका यह प्रयास राज्य में बेरोजगारी की समस्या को काफी हद तक दूर करने में सफल हो सकता है। उनकी इस कोशिश से रोजगार की उम्मीदों को वास्तविक रूप से धरातल पर उतारने में भी मदद मिल सकती है। हेमंत सोरेन की सरकार ने राज्य में बेरोजगारी को एक बड़ी चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए रोजगार सृजन की जो पहल शुरू की है। यह सराहनीय कदम है।

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