अपराधी और नेता के चोली दामन के साथ को चरितार्थ करते रविशंकर प्रसाद। 

श्री रविशंकर प्रसाद, भारत देश का एक जाना माना नाम. वर्तमान में भारत सरकार के संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा विधि एवं न्याय के कैबिनेट मंत्री हैं. जिनके बारे में कहा जाता है कि विवादों से कोसों दूर रहते हैं. भारत के उच्चतम न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता हैं. ऐसे में काफी आश्चर्यजनक है कि 2019 लोकसभा चुनावी कार्यक्रम से लगातार उनके साथ एक अपराधी की तस्वीर सामने आ रही है. तस्वीर देखकर ऐसा प्रतीत होता है, मानो यह व्यक्ति माननीय मंत्री का खास सलाहकार हो और मंत्री महोदय भी इस अपराधी को खास तवज्जो देते हुए नजर आ रहे हैं. आप सभी सोच रहे होंगे कि बिहार के ऐसे प्रतिष्ठित नेता पर इस तरह की खबर क्यों लिख रहा हूं. चूंकि माननीय मंत्री महोदय कानून और न्याय के अच्छे जानकार हैं और युवा पीढ़ी उन्हें अपना आदर्श भी मानती है तो ऐसे में इस अपराधी के बारे में मंत्री महोदय को जानकारी हो ना हो या फिर इनकी सरपरस्ती में ही यह अपराधी फल फूल रहा है यह तो मंत्री महोदय ही बेहतर बताएंगे. आप भी जानना चाहेंगे कि आखिर वह अपराधी है कौन? जो रविशंकर प्रसाद के खासम- खास में शुमार है. वर्ष 2016 में भी मंत्री महोदय की तस्वीर एक पत्रकार पुत्र की हत्या के आरोपी (शहाबुद्दीन का सहयोगी इकबाल) के साथ देखी गई थी, जिस पर उन्होंने कहा था कि सार्वजनिक जगहों पर इस सेल्फी युग में वह किसी को तस्वीर लेने से मना नहीं करते हैं. लेकिन मौजूदा तस्वीरें खुद बता रही है कि मंत्री महोदय और तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति के बीच में कैसा संबंध है? आइए अब जान लेते हैं मंत्री जी के साथ तस्वीर में खड़े व्यक्ति का अपराधिक इतिहास. आप सब शायद भूल चुके होंगे बिहार का मशहूर "लल्लू भाई साड़ी वाला" अपहरण कांड. वर्ष 2002 में हुई इस घटना ने बिहार सरकार की नींद हराम कर दी थी. बिहार के आरा जिले के लल्लू भाई साड़ी वाला के पुत्र सोनू सरावगी का अपहरण कर लिया गया था. जिसमें मुख्य अभियुक्त शिवजी सिंह उर्फ "धुआँ बाबा" का नाम सामने आया था. धुआँ बाबा उर्फ शिवजी सिंह के ऊपर बिहार सरकार ने 50000 का इनाम घोषित कर रखा था. तस्वीर में मंत्री महोदय के साथ खड़ा व्यक्ति का नाम है गौतम सिंह. इस अपहरण कांड में शिवजी सिंह उर्फ धुआं बाबा का मुख्य सहयोगी के रूप में गौतम सिंह का नाम केस में दर्ज है. गौतम सिंह पटना जिले के बख्तियारपुर प्रखंड स्थित करनौती गांव का निवासी है. 1990 से 2000 के दशक का कुख्यात अपराधी पवन सिंह भी इसी गांव का था. गौतम सिंह, पवन सिंह का खास सहयोगी के रूप में चर्चित था. आरा जिले के साड़ी व्यवसाई अपहरण कांड में गौतम सिंह का नाम मुख्य रूप से सामने आया था. जिसमें पटना एसपी के नेतृत्व में गांव में कई बार पुलिस ने छापेमारी की और अंततः गौतम सिंह को गिरफ्तार करने में पुलिस सफल रही. इस मामले में गौतम लगभग ढाई वर्ष तक जेल में रह चुका है. इसके अलावा गौतम पर गांव में ही एक हत्या तथा पुलिस पर फायरिंग एवं पुलिस की गाड़ी को क्षति पहुंचाने से संबंधित केस भी दर्ज है. गौतम सिंह का पारिवारिक पृष्ठभूमि भी आपराधिक रहा है. गौतम सिंह के पिता का नाम रमेश सिंह है. जिसके ऊपर एनटीपीसी का टावर निर्माण संबंधित कार्य को बाधित कर रंगदारी तथा धमकी देने संबंधित केस थाने में दर्ज है. जिसका केस संख्या 38/2007. गौतम तथा उसके पिता रमेश सिंह अभी जमानत पर है और बिहार के बड़े बड़े नेताओं के साथ गौतम की तस्वीर को सोशल मीडिया पर देखा जा रहा है. अब सवाल यह उठता है कि न्याय और कानून के मंत्री ऐसे आपराधिक छवि वाले व्यक्ति को किस नजर से देखते हैं. तथा अपराधी के साथ आखिर कौन सा संबंध है जो बगैर इस व्यक्ति के अपने क्षेत्र में नहीं जाते हैं. यह मंत्री महोदय को बताना चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी अपने आदर्श नेता से कुछ सीख सकें

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