शिकार होने से बच गई 8वीं की छात्रा, पंजाब के युवक ने ऑनलाइन गेम से अपने जाल में फँसाया था

पंजाब का युवक ऑनलाइन गेम से दोस्ती कर ली थी। बोकारो आकर छात्रा को अपने साथ ले जा रहा था। पकड़ा गया।बोकारो सीडब्ल्यूसी मामले की जांच-पड़ताल कर रही है।

शिकार होने से बच गई 8वीं की छात्रा, पंजाब के युवक ने ऑनलाइन गेम से अपने जाल में फँसाया था

झारखंड के बोकारो जिले के बेरमो की नाबालिग बच्ची पंजाब के युवक के जाल में फंसने से बच गयी। लड़की को उसके परिवार को सौंप दिया गया है। आरोपी युवक और उसके तथाकथित पिता से निमियाघाट थाना पूछताछ कर रही है।

बोकारो ज़िले के गांधीनगर थाना क्षेत्र की बेरमो पश्चिमी पंचायत की रहने वाली एक 16 वर्षीया नाबालिग बच्ची पंजाब के एक युवक के जाल में फंसने से बच गयी। निमियाघाट थाना की पुलिस ने लड़की को इसरी पारसनाथ स्टेशन के पास से बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया है, जबकि युवक व उसका तथाकथित पिता निमियाघाट थाना में हैं। मामले में लड़की तथा उसके परिजनों से सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) बोकारो की टीम पूछताछ कर रही है।

क्या है पूरा मामला:

16 वर्षीया नाबालिग लड़की बोकारो ज़िले के गांधीनगर थाना क्षेत्र की बेरमो पश्चिमी पंचायत की रहने वाली है। बच्ची की मां दिहाड़ी मजदूरी करती है। बच्ची की माँ ने बताया कि उसकी पुत्री आठवीं कक्षा की छात्रा है। मोबाइल पर फ्री फायर गेम खेलने के दौरान उसकी दोस्ती पंजाब के युवक कुलदीप सिंह से हुई थी। दोस्ती के दौरान बातचीत शुरू हुई और कुलदीप ने बच्ची को बहला-फुसला कर घर से भागने को राज़ी कर लिया। सात जून को मेरी पुत्री बिना किसी को बताए स्कूल ड्रेस में ही चंद्रपुरा स्टेशन पहुंची, जहां पर कुलदीप तथा तथाकथित उसके पिता इंतजार कर रहे थे। मेरी पुत्री के वहां पहुंचते ही उसने उसका मोबाइल स्विच ऑफ करवा दिया और उसे ट्रेन से बोकारो स्टेशन ले गया। फिर वहां से वो लोग मेरी पुत्री को लेकर ऑटो से इसरी पारसनाथ स्टेशन ले जा रहा था। इसी दौरान ऑटो ड्राइवर को शक हुआ और इसरी पारसनाथ स्टेशन के पास ऑटो रोककर वह कुलदीप और उसके तथाकथित पिता से पूछताछ करने लगा। हंगामा होता देख वहाँ भीड़ जुट गयी।

बच्ची को उसके परिजनों को सौंप दिया गया:

भीड़ ने कुलदीप तथा उसके तथाकथित पिता की पिटाई कर दी। मामले की सूचना मिलने पर वहां निमियाघाट थाना की पुलिस पहुंच गयी और सभी को थाना ले गयी। फिर वहां से गांधीनगर थाना को सूचित किया गया। इसके बाद लड़की को परिजनों को सौंप दिया गया और मामला सीडब्ल्यूसी गिरिडीह के पास भेज दिया गया। वहां से मामला बोकारो सीडब्ल्यूसी में स्थानांतरित कर दिया गया। बोकारो सीडब्ल्यूसी की टीम ने किशोरी के परिजनों को बोकारो बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी है। बाल कल्याण समिति, बोकारो जिला के अध्यक्ष शंकर रवानी ने कहा कि किशोरी, उसकी माता व परिजनों को बुलाकर पूरे मामले की जांच की जा रही है। लड़का पंजाब का रहने वाला है और उसकी सारी जानकारी ली जा रही है।