CBI कोर्ट ने 15 साल पुराने मामले में पूर्व मंत्री, LRDC सहित 9 लोगों को दोषी करार 

मंत्री रहते हुए एनोस एक्का ने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी पते का इस्तेमाल कर आदिवासी भूमि की अवैध रूप से खरीद-फरोख्त की।

CBI कोर्ट ने 15 साल पुराने मामले में पूर्व मंत्री, LRDC सहित 9 लोगों को दोषी करार 

सीएनटी एक्ट के उल्लंघन से जुड़े 15 साल पुराना जमीन घोटाला मामले में रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का और रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात समेत 9 लोगों को दोषी करार दिया है।

सभी दोषियों को भेजा गया जेल, सुनवाई 30 को 

कोर्ट ने सभी दोषियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि सजा पर सुनवाई के लिए 30 अगस्त की तारीख तय की गई है। इस मामले में सीबीआई की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रियांशु सिंह ने ट्रायल की पैरवी की।

फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन की खरीद बिक्री हुई थी 

आरोपों के मुताबिक, मंत्री रहते हुए एनोस एक्का ने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी पते का इस्तेमाल कर आदिवासी भूमि की अवैध रूप से खरीद-फरोख्त की। इसमें तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी कार्तिक कुमार प्रभात ने उनकी मदद की थी। आरोप है कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर जमीन की खरीददारी की गई।

सभी आरोप कोर्ट में सिद्ध 

एनोस एक्का की पत्नी मेनन एक्का के नाम से हिनू में 22 कट्ठा, ओरमांझी में 12 एकड़, नेवरी में 4 एकड़ और चुटिया के सिरम टोली मौजा में 9 डिसमिल जमीन खरीदी गई थी. सभी जमीन की खरीदारी मार्च 2006 से मई 2008 के बीच की गई थी. सीबीआई द्वारा लगाए गए सभी आरोप कोर्ट में सिद्ध हो गए, जिसके बाद आरोपियों को दोषी करार दिया गया.