Exit Polls 2024: लोकसभा चुनाव 2024 का सटीक सर्वेक्षण, देखिए किसे मिल रही है कितनी सीटें…..

4 जून आने में सिर्फ दो दिन शेष रह गए हैं। एग्जिट पोल, से 4 जून की वोट की गिनती कितना मेल खाती है ? उस दिन देशवासियों को पता चल जाएगा। अगर एग्जिट पोल के परिणाम सच साबित होते हैं , तो निश्चित तौर पर मोदी जी एक इतिहास रच देंगे।

Jul 2, 2024 - 05:01
Exit Polls 2024: लोकसभा चुनाव 2024 का सटीक सर्वेक्षण, देखिए किसे मिल रही है कितनी सीटें…..

देश का अठारहवां संसदीय लोकसभा चुनाव 1 जून को सात चरणों में समाप्त हो गया । सातवें चरण के चुनाव संपन्न के बाद एग्जिट पोल ने जो नतीजा प्रस्तुत किया है, उससे प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी की लहर बरकरार है। एनडीए ने इस बार 400 पार का जो नारा दिया था। एग्जिट पोल के परिणाम के आधार पर सरकार तो एनडीए की ही बनेगी। इंडिया गठबंधन के सबसे प्रमुख धड़ा कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे ने थोड़ी देर पहले कहा कि इंडिया गठबंधन 295 सीटें लाकर पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। एग्जिट पोल ने खड़गे के बयान पर ग्रहण लगा दिया है। भाजपा विरोधी दलों (इंडिया गठबंधन) ने इस चुनाव में अपनी पूरी शक्ति झोंक दिया । 2019 की तुलना में विपक्ष ज्यादा एक जुट होकर भाजपा पर अपना जोरदार प्रहार किया। इंडिया गठबंधन के कई नेताओं पर भ्रष्टाचार के मुकदमे विचारथीन है, इसलिए इनके नेता गण अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए लड़ रहे थे। इसके बावजूद वे सब मिलकर भी मोदी लहर को कम नहीं कर पाए ।

Exit Poll Results 2024 Live Lok Sabha Chunav News Updates in Hindi: इस लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपने गठबंधन के लिए ‘400 पार’ का नारा दिया था। फिलहाल तीन सर्वे में भाजपा+ को 400 या उससे ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। अगर एग्जिट पोल सच साबित होते हैं, तो मोदी अपनी पार्टी को लगातार तीसरी बार चुनाव में जीत दिलाने के मामले में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे।

2024 का 18वें लोकसभा का चुनाव बीते चुनावों की तुलना में बिल्कुल अलग दिखाई पड़ा। इस बार मतदाता बिल्कुल खामोश रहे। चुनाव विश्लेषक भी खुलकर अपनी एक राय नहीं दे पाए। इस बार के चुनाव में मतदाताओं की खामोशी ने कई नए सवालों को भी खड़ा किया है। एग्जिट पोल को परिणाम के तौर पर कोई मान्यता नहीं है। किंतु एग्जिट पोल के परिणाम भाजपा विजय का संकेत जरूर दे रहे हैं। एग्जिट पोल कभी नतीजों पर खरे उतरे हैं तो कभी नतीजों पर फैल भी हुए हैं । एग्जिट पोल के परिणाम के विपरीत मत पत्रों की गिनती के बाद परिणाम सामने आए हैं। इसके एक नहीं कई उदाहरण हम सबों के सामने हैं। इसके बावजूद देश की जनता का मिजाज यह संकेत देता है कि मोदी ही अगले प्रधानमंत्री होंगे । इंडिया गठबंधन के नेताओं ने एग्जिट पोल के परिणाम के बाद देश में होने वाले टीवी डेविड में भाग नहीं लेंगे की घोषणा थी। लेकिन एग्जिट पोल से थोड़ी देर पहले कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे ने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेता इस बहस में भाग लेंगे। यह एक स्वागत योग्य निर्णय है।

लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान संपन्न होने के बाद एग्जिट पोल (चुनाव बाद सर्वेक्षण) सामने आ गए। सभी सर्वे में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को प्रचंड बहुमत मिलने का अनुमान लगाया गया है। इनमें सत्तारूढ़ गठबंधन राजग के तमिलनाडु और केरल में अपना खाता खोलने का अनुमान लगाया गया है। इसके साथ ही कर्नाटक में फिर से एकतरफा जीत हासिल करने का अनुमान भी जताया गया है। 

4 जून आने में सिर्फ दो दिन शेष रह गए हैं। एग्जिट पोल, से 4 जून की वोट की गिनती कितना मेल खाती है ? उस दिन देशवासियों को पता चल जाएगा। अगर एग्जिट पोल के परिणाम सच साबित होते हैं , तो निश्चित तौर पर मोदी जी एक इतिहास रच देंगे। यह जीत मोदी की गारंटी की जीत होगी। एक प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी का तीन बार लगातार चुना जाना, हैट्रिक लगाने वाले देश के दूसरे प्रधानमंत्री होंगे। इसके पूर्व जवाहरलाल नेहरू तीन बार लगातार प्रधानमंत्री बने थे।

इस लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपने गठबंधन के लिए ‘400 पार’ का नारा दिया था। फिलहाल तीन सर्वे में भाजपा+ को 400 या उससे ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। अगर एग्जिट पोल सच साबित होते हैं, तो मोदी अपनी पार्टी को लगातार तीसरी बार चुनाव में जीत दिलाने के मामले में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे। वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा ने 303 सीट जीती थी, जबकि राजग की संख्या 353 थी। कांग्रेस को 53 सीट और उसके सहयोगियों को 38 सीट मिली थीं।

देश में हुए अब तक के लोकसभा चुनाव पर नजर डाले तो जवाहरलाल नेहरू 1947 में देश के प्रधानमंत्री बने थे । तब जवाहरलाल नेहरू का चुनाव मनोनीत लोकसभा के सांसदों ने किया था। देश में पहला संसदीय लोकसभा का चुनाव 1952, 1957 और 1962 में हुआ था। इन तीनों चुनावों में अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी विजय हुई थीऋ तीनों बार जवाहरलाल नेहरू ही देश के प्रधानमंत्री बने थे। श्रीमती इंदिरा गांधी और डॉ मनमोहन सिंह दोनों दोबारा सिलसिलेवार प्रधानमंत्री बने थे। जवाहरलाल नेहरू 1947 से 1964 तक प्रधानमंत्री रहे । उनका प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए निधन हो गया ।इसलिए बीच में मात्र 13 दिनों के लिए गुलजारीलाल नंदा कार्यकारी प्रधानमंत्री बने । लाल बहादुर शास्त्री 1964 से 1966 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। ताशकंद में उनकी हत्या के पश्चात गुलजारी लाल नंदा पुनः देश के कार्यकारी प्रधानमंत्री बने । इंदिरा गांधी अपने पहले ही कार्यकाल में 1966 से 1971 तक प्रधानमंत्री रहीं थीं।

आपातकाल के बाद बनी जनता पार्टी की सरकार में मोरारजी देसाई 1977 से 1979 तक प्रधानमंत्री रहे । इसी बीच मात्र साढे 5 माह के लिए चौधरी चरण सिंह देश के प्रधानमंत्री बने । 1980 में इंदिरा गांधी पुनः देश की प्रधानमंत्री बनी । 1984 में उनकी हत्या के पश्चात राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बने। उन्होंने 5 वर्षों का कार्यकाल पूरा जरूर किया , किंतु देश की जनता ने दोबारा प्रधानमंत्री बनने का उन्हें अवसर प्रदान नहीं किया । विश्वनाथ प्रताप सिंह और चंद्रशेखर जी देश के प्रधानमंत्री जरूर बने , किंतु दोनों ने अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया । आगे लोकसभा चुनाव में दोनों को देश की जनता ने प्रधानमंत्री बनने का अवसर प्रदान नहीं किया ।

इसी बीच राजीव गांधी की हत्या हो जाने के बाद कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेता नरसिंहां राव देश के प्रधानमंत्री बने । उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा जरूर किया , किंतु दोबारा देश की जनता ने उन्हें प्रधानमंत्री नहीं बनाया । 1996 में लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद अटल बिहारी वाजपेई सिर्फ 16 मई से 1 जून तक देश के प्रधानमंत्री जरूर बने । अटल जी लोकसभा में बहुमत नहीं सिद्ध कर पाने के कारण एचडी देवगौड़ा प्रधानमंत्री बने । कांग्रेस पार्टी के समर्थन वापसी से देवगोड़ा की सरकार गिर गई । इंद्र कुमार गुजराल 1997 से 1998 तक देश के प्रधानमंत्री बने । उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा जरूर किया, किंतु दोबारा प्रधानमंत्री नहीं बने ।

1998 में अटल बिहारी वाजपेई नया जनादेश प्राप्त कर देश के प्रधानमंत्री बने । उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा जरूर किया, किंतु दोबारा प्रधानमंत्री नहीं बने । डॉ मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे । उन्होंने इंदिरा गांधी के बाद दोबारा प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रचा । 2014 के लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत प्राप्त कर नरेंद्र मोदी पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने । 2019 के चुनाव में नरेंद्र मोदी भारी बहुमत से जीतकर दोबारा प्रधानमंत्री बनकर कांग्रेस पार्टी की इंदिरा गांधी और डॉ मनमोहन सिंह के इतिहास रचने के बराबरी में आ गए थे।

नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने की राह में जो किया सदा याद किया जाता रहेगा । उनके प्रधानमंत्रित्व काल में जम्मू कश्मीर से धारा 370 और 35 ए हटा दिया गया। अयोध्या में विवादित राम मंदिर स्थल पर एक भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ । वे 2014 से 2024 तक बिना रुके, बिना थके लगातार कार्य करते चले आ रहे हैं। सबसे पहले उन्होंने आर्थिक रूप से काफी पिछड़ चुका भारत को आर्थिक रूप से मजबूत किया । 2014 में भारत की अंदरूनी स्थिति पर चर्चा हो रही थी कि सेना के पास ढंग से बारुद नहीं थे, तो पड़ोसी देश से युद्ध में मुकाबला कैसे कर सकते थे?

भारत की साख, मान और शान बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नरेंद्र मोदी ने जो आह्वान और कार्य किया , इससे भारत की आन , बान और शान विश्व स्तर पर बढ़ा। पड़ोसी देश पाकिस्तान से पहले दोस्ती के लिए उन्होंने हाथ बढ़ाया ।बदले में पाकिस्तान ने पीठ पर खंजर भोंका। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसी कार्रवाई कर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया। पाकिस्तान एक आतंकवादी मुल्क है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित करने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोई कसर नहीं छोड़ा । अजहर मसूद को विश्व का आतंकवादी घोषित कराने में नरेंद्र मोदी की भूमिका सराहनीय है।

उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाकर देशवासियों को स्वच्छ तरीके से रहने की सीख दिया। उन्होंने भारत के ऋषि मुनियों द्वारा प्रचलित योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दी । देश के बेघरों को उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनवाया।

देश भर में करोड़ों की संख्या में शौचालय बनवा कर नरेंद्र मोदी ने कीर्तिमान स्थापित किया । उन्होंने देश में नोट बंदी लागू कर काले धन को समाप्त करने के लिए साहसिख और जोखिम भरा कदम उठाया । देश में एक कर प्रणाली यानी जीएसटी लागू कर अद्भुत काम किया। देश में एक कर प्रणाली की चर्चा पिछले चार दशक से चल रही थी । लेकिन मोदी जी ने इसे सच कर दिखाया।

देश के गरीब किसान और गरीबों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाने के लिए कई नई योजनाओं को उन्होंने जमीन पर उतारा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम ही उन्हें तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने का अवसर प्रदान करने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक इंटरव्यू में कहा कि” मैं काम कर रहा हूं , आप सभी मन लगाकर करें। न मैं बेईमानी का एक भी पैसा खाऊंगा, आप सब भी न खाएं “। आगे उन्होंने कहा कि जिसने भी देश के पैसे को गबन किया है,ऐसे भ्रष्टाचारियों संपत्ति जप्त होगी और उन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सातवें चरण के चुनाव में देशवासियों को यह आश्वस्त किया की तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद 25 दिन युवाओं के विकास और कल्याण के निमित्त निर्णय लिए जाएंगे।

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