खाड़ी में जारी युद्ध से झारखंड के सैकड़ों परिवार चिंतित, दुबई, कतर और ईरान में फंसे लोगों को लेकर बढ़ी बेचैनी, सलामती की मांग रहे दुआ

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गये हमले के बाद खाड़ी देशों में छिड़े युद्ध के बाद झारखण्ड के हजारों परिवारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

खाड़ी में जारी युद्ध से झारखंड के सैकड़ों परिवार चिंतित, दुबई, कतर और ईरान में फंसे लोगों को लेकर बढ़ी बेचैनी, सलामती की मांग रहे दुआ

RANCHI : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गये हमले के बाद खाड़ी देशों में छिड़े युद्ध के बाद झारखण्ड के हजारों परिवारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इन परिवारों के माथे पर चिंता की लकीरें स्पष्ट तौर पर देखी जा सकती हैं क्योंकि झारखण्ड के अलग-अलग जिलों से भारी तादाद में लोग सालों से खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। 

झारखंड के सैकड़ों परिवार चिंतित

खाड़ी के देशों में काम करने वालों में झारखण्ड के श्रमिक के साथ-साथ ड्राइवर, तकनीशियन, नर्स, होटलकर्मी और अन्य सेवा क्षेत्रों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। युद्ध छिड़ने के बाद झारखण्ड में रह रहे इनके परिजनों को अनहोनी की आशंका है और वे लगातार डर के साये में जी रहे हैं। 

गौरतलब है कि झारखण्ड के गिरिडीह, लोहरदगा, हजारीबाग, कोडरमा के इलाकों के कई लोग खाड़ी के देशों में काम करते हैं। गिरिडीह के कई लोग कतर और दुबई में फंसे हुए हैं। वहीं, जपला के तीन बच्चे, दो महिला समेत 8 लोग ईरान में भी फंसे हुए हैं। 

वहीं, लोहरदगा के व्यापारी अमित कुमार भी अपने रिश्तेदार के साथ दुबई में फंसे हुए हैं। वहीं, हजारीबाग के चरही, चौपारण के कई छात्र दुबई, कतर, ईरान, ओमान और तेहरान में फंसे हुए हैं। मरकच्चो के एक परिवार के 6 से अधिक लोग बहरीन में फंसे हुए हैं। 

सलामती की मांग रहे दुआ

विदित है कि इन देशों में युद्ध की वजह से इंटरनेट सेवाएं भी ठप हो गई हैं लिहाजा इन परिवार के लोगों से वीडियो कॉल पर चैट भी नहीं हो पा रही है लिहाजा परिजन काफी परेशान हैं। वहीं, भारत में रह रहे उनके परिवार अपनों की सलामती की दुआ मांग रहे हैं।