औद्योगिक क्रांति की नई पहचान बन रहा बिहार, पटना के बिहटा में बनीं साइकिलें पश्चिम बंगाल सहित नेपाल में हो रहीं निर्यात
नीतीश सरकार की प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों से बिहार में निवेश बढ़ रहा है और राज्य के बाहर के उद्योगपति यहां अपने कल-कारखाने लगा रहे हैं। इसी कड़ी में देश की जानी-मानी साइकिल बनानेवाली हीरो कंपनी ने पटना के बिहटा में अपनी फैक्ट्री लगाई है। यहां सालाना 10 लाख साइकिलें बनाई जा रहीं हैं
PATNA : पटना जिला के बिहटा के मेगा इंडस्ट्रियल पार्क में हीरो साइकिल की अत्याधुनिक यूनिट बिहार में औद्योगिक क्रांति की नई पहचान है। यह फैक्ट्री राज्य में बढ़ते निवेश और रोजगार के नए अवसरों का जीता-जागता उदाहरण है। नीतीश सरकार की औद्योगिक नीति और बियाडा के माध्यम से निवेशकों को प्रदेश में विश्वस्तरीय सुविधाएं और सुरक्षित औद्योगिक वातावरण मिल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी एनडीए सरकार के संकल्प से बिहार उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

पटना में बनीं साइकिलें नेपाल में हो रहीं निर्यात
नीतीश सरकार की प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों से बिहार में निवेश बढ़ रहा है और राज्य के बाहर के उद्योगपति यहां अपने कल-कारखाने लगा रहे हैं। इसी कड़ी में देश की जानी-मानी साइकिल बनानेवाली हीरो कंपनी ने पटना के बिहटा में अपनी फैक्ट्री लगाई है। यहां सालाना 10 लाख साइकिलें बनाई जा रहीं हैं जो पश्चिम बंगाल, असम, झारखंड, ओडिशा और नेपाल भेजी जा रहीं हैं। हीरो साइकिल के प्लांट हेड श्रवण कुमार ने बताया कि हमें बिहार में सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। यहां उद्योग लगाने के लिए लोकेशन भी काफी अच्छा है। बिहार में उद्योग नीति बहुत अच्छी है जिसके कारण कम समय में निवेश करना आसान हो जाता है। डॉक्यूमेंटेशन वगैरह में भी अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलता है।
प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 5000 लोगों को मिला रोजगार
बिहार में औद्योगिकीकरण के लिए सरकार की नीति और नीयत साफ है। उद्योगपतियों को राज्य में कल-कारखाने लगाने के लिए सरकार कई तरह की छूट दे रही है। साथ ही औद्योगिक नीति को काफी सरल बनाया गया है। बिहटा में कार्यरत हीरो साइकिल कंपनी के स्टोर हेड रविंदर मिश्रा का कहना है कि यहां उद्योग लगाने के लिए बियाडा की ओर से जमीन मिली है और सरकार की ओर से सब्सिडी भी दी जा रही है। हम यहां से 6 राज्यों को साइकिल निर्यात करते हैं। इस कंपनी से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 5000 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। रोजगार मिलने से उनके घर की माली हालत पहले से काफी बेहतर हो गई है।

युवाओं को सम्मान के साथ मिल रहा रोजगार
बिहार में उद्योग लगने से यहां के लोगों को अपने घर में ही काम मिल रहा है। उन्हें रोजगार के लिए अब दूसरे प्रदेश में जाकर दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़ेंगी। बिहटा में हीरो साइकिल फैक्ट्री में काम करनेवाले कर्मचारी मनीष कुमार ने बताया कि पहले बाहर के स्टेट दिल्ली, पंजाब में जाकर काम करना पड़ता था जो मेरे लिए काफी दिक्कत भरा था क्योंकि मुझे होम सिकनेस है और मैं घर के आसपास ही जॉब खोज रहा था। इसी बीच मुझे बिहटा में हीरो साइकिल की फैक्ट्री के बारे में पता चला और मैंने यहां जाकर इंटरव्यू दिया और मेरा सेलेक्शन हुआ। अब मैं अपने घर में अपने लोगों के बीच काम कर रहा हूं।
इसी तरह ब्यूटी कुमारी ने बताया कि पहले वे हाउस वाइफ थीं और सबकुछ अच्छे से चल रहा था। अचानक उनके परिवार में आर्थिक संकट आया और वे नौकरी की तलाश करने लगीं। ज्यादातर काम का ऑफर दूसरे राज्यों से मिल रहा था, फिर एक दिन बिहटा में हीरो साइकिल फैक्ट्री के बारे में पता चला और उन्हें अपने घर के पास ही नौकरी मिल गई। उनका कहना है कि अब वे हीरो साइकिल फैक्ट्री में काम कर रही हूं। यहां सैलरी टाइम पर मिलती है। घर के पास ही काम करके अच्छा लगता है।

उद्योग लगने से रुकेगा पलायन
आज बिहार में सबसे बड़ी चुनौती रोजगार के अवसर पैदा करना और पलायन रोकना है क्योंकि बिहार से रोजगार के लिए ही सबसे अधिक पलायन होता है। बिहार से पलायन रोकने के लिए नीतीश सरकार ठोस कार्रवाई कर रही है। खासकर उद्योग विभाग राज्य में पलायन को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। नए उद्योग-धंधों के सृजन से बिहार से पलायन रुकेगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इसी क्रम में बिहटा में हीरो साइकिल की फैक्ट्री खोली गई है जहां कार्यरत मुशीर अब्बास ने कहा कि यहां काम करते हुए 12 साल हो गए हैं। यहां काम का माहौल अच्छा है। मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सर को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने विश्व प्रसिद्ध हीरो साइकिल कंपनी के प्लांट को यहां स्थापित करवाया। शुरुआत में यहां से 50 साइकिल बनाकर बाहर भेजा गया और आज यहां से 1 लाख साइकिल बनाकर बाहर भेजा जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का पूरा सहयोग हमलोगों को मिल रहा है इसके लिए हम उनके प्रति आभार प्रकट करते हैं।

सरकार की सकारात्मक उद्योग नीति से बिहार में बढ़ेगा निवेश
बिहार में स्व-रोजगार की शुरुआत के लिए बड़े निवेश की जरूरत है। बड़े उद्योगों की स्थापना से रोजगार के नए-नए अवसरों का सृजन होगा। साथ ही युवाओं को अपने लघु उद्योग, कुटीर उद्योग स्थापित करने के लिए आर्थिक मदद मिलेगी। बिहार सरकार की नवीनतम बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 (BIPPP-2025) का उद्देश्य राज्य को पूर्वी भारत का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाना है। इसके तहत बड़े निवेश (100 करोड़-1000 करोड़ प्लस) के लिए 10-25 एकड़ तक निःशुल्क भूमि, सब्सिडी, और 5 वर्षों में 1 करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य है।
मुख्य फोकस कृषि, रक्षा, कपड़ा, चर्म और सेमीकंडक्टर उद्योगों पर है। बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 बनाई गई है। हाई-टेक उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई नीति बनाई गई है। महिला एवं युवा उद्यमी योजना के तहत 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता (50% अनुदान, 50% ब्याज-मुक्त ऋण) दी जा रही है। स्टार्टअप बिहार नीति के तहत 10 लाख रुपये तक का 10 वर्षों के लिए ब्याज-मुक्त सीड फंड दिया जा रहा है। उद्योगपतियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। बिहार में उद्योग बढ़ाने के लिए सरकार गयाजी में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी और रक्षा व एफएमसीजी जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

निवेशकों को आकर्षित करने और उद्योग के लिए माकूल स्थिति व सुरक्षा की गारंटी पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। सरकार राज्य में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और युवाओं को राज्य में ही रोजगार प्रदान करने के लिए 'समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार' के संकल्प पर तेजी से काम कर रही है। नीतीश सरकार की नीति और नीयत से आनेवाले समय में उद्योग के क्षेत्र में भी बिहार का नाम सुर्खियों में होगा और उद्योगपति प्राथमिकता के आधार पर यहां अपने कल-कारखाने लगाएंगे।



NewsDesk



