BIG NEWS : निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 40 हजार रुपये घूस लेते राजस्व कर्मचारी और अभिलेखागार कर्मी गिरफ्तार

शिकायतकर्ता से पहले 50 हजार की डिमांड की गई थी। इसके बाद निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाया और दोनों कर्मियों को 40 हजार रुपये घूस लेते पकड़ा गया।

Apr 17, 2026 - 16:39
Apr 17, 2026 - 16:39
BIG NEWS : निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 40 हजार रुपये घूस लेते राजस्व कर्मचारी और अभिलेखागार कर्मी गिरफ्तार

PURNIA : निगरानी विभाग की टीम ने एकबार फिर बड़ी कार्रवाई की है और पूर्णिया में राजस्व कर्मचारी लाल बाबू रजक और अभिलेखागार कर्मी रूमी कुंडू को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ धर-दबोचा है। बताया जा रहा है कि भूमि विवाद सुलझाने के नाम पर घूस मांगी गई थी। 

निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई

शिकायतकर्ता से पहले 50 हजार की डिमांड की गई थी। इसके बाद निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाया और दोनों कर्मियों को 40 हजार रुपये घूस लेते पकड़ा गया। जानकारी के मुताबिक गुलाबबाग की महिला ने रिश्वतखोरी की शिकायत की थी। दस्तावेज स्कैनिंग में भी मिलीभगत के संकेत मिले थे। 

राजस्व विभाग में मचा हड़कंप

फिलहाल इस गिरफ्तारी के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। निगरानी विभाग पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गया है। जानकारी के अनुसार, यह मामला पूर्णिया पूर्व प्रखंड से जुड़ा हुआ है, जहां जमीन विवाद के निपटारे के नाम पर रिश्वत की मांग की जा रही थी। राजस्व कर्मचारी लाल बाबू रजक हल्का 1ए, 1बी और 1सी के प्रभार में थे।

निगरानी विभाग को मिली थी लिखित शिकायत

हड़ताल के कारण उन्हें अतिरिक्त क्षेत्र का भी कार्यभार सौंपा गया था, जिसमें शहर का इलाका शामिल था। इसी दौरान एक जमीन से जुड़े मामले में शिकायतकर्ता से पैसे मांगे गए। गुलाबबाग वार्ड-35 की निवासी ललिता देवी ने निगरानी विभाग को लिखित शिकायत दी थी कि उनकी जमीन को केवाला रोक सूची में डाल दिया गया है और इसे सही कराने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद निगरानी टीम ने योजना बनाकर जाल बिछाया और तय रणनीति के तहत 40 हजार रुपये लेते ही दोनों आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया।

जांच में यह भी सामने आया है कि अभिलेखागार कर्मी रूमी कुंडू की भी इस पूरे मामले में सक्रिय भूमिका थी। वह दस्तावेजों की स्कैनिंग और प्रक्रिया में शामिल थीं, जिससे दोनों की मिलीभगत की पुष्टि हुई है।  फिलहाल निगरानी विभाग दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रहा है और इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। इस कार्रवाई ने सरकारी तंत्र में फैले भ्रष्टाचार पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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