'परिसीमन में किसी भी राज्य के साथ नहीं होगा अन्याय', PM मोदी ने दी गारंटी, कहा : वादा है मेरा
पीएम मोदी ने कहा कि हम भारतीय मिलकर देश को एक नई दिशा देने जा रहे हैं। हम अपनी शासन व्यवस्था में संवेदनशीलता लाने का एक सार्थक प्रयास करने जा रहे हैं। यह न केवल देश की राजनीति को आकार देगा बल्कि यह देश की दिशा और दशा भी तय करेगा।
NEW DELHI : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक पर लोकसभा में कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हमें देश की आधी आबादी से जुड़ी राष्ट्र-निर्माण की इतनी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिला है। हम सांसदों को इस महत्वपूर्ण अवसर को हाथ से जाने नहीं देना चाहिए।
इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि हम भारतीय मिलकर देश को एक नई दिशा देने जा रहे हैं। हम अपनी शासन व्यवस्था में संवेदनशीलता लाने का एक सार्थक प्रयास करने जा रहे हैं। यह न केवल देश की राजनीति को आकार देगा बल्कि यह देश की दिशा और दशा भी तय करेगा।
परिसीमन आयोग के गठन से जुड़े विधेयक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी के साथ भेदभाव नहीं होगी। सीटों का अनुपात पहले की तरह ही बना रहेगा, यह मेरी गारंटी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण अधिनियम संबंधी संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है और जो भी इसका विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 पर यह भी कहा कि इस विषय को राजनीति के तराजू से नहीं तौलना चाहिए।
PM मोदी ने कहा कि महिला को मिलने वाले अधिकार का जिस-जिस ने विरोध किया, महिलाओं ने उन्हें माफ नहीं किया, उनका बुरा हाल हुआ। साल 2024 के चुनाव में यह नहीं हुआ क्योंकि (2023 में) सबने मिलकर इसे पारित किया था। उन्होंने कहा कि जिन्हें इसमें राजनीतिक बू आ रही है, वे पहले के परिणामों को देख लें।
लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए PM मोदी ने कहा कि यह देश के लोकतंत्र के पक्ष में होगा, यह देश की सामूहिक निर्णय-प्रक्रिया के पक्ष में होगा और इसका श्रेय हम सभी को मिलेगा। न तो सरकार इसका एकमात्र हकदार होगी, न ही मोदी इसका एकमात्र हकदार होगा और न ही यहां बैठे सभी लोग इसके एकमात्र हकदार होंगे। मैं चाहूंगा कि जो लोग इसमें राजनीति की बू सूंघते हैं, वे पिछले 30 सालों में अपने नजरिए की जांच करें और देखें कि क्या इसमें कोई फायदा है। मेरा मानना है कि इसे कोई राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है।
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव को जवाब
लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “धर्मेंद्र यादव (समाजवादी पार्टी के सांसद) जी, मेरा परिचय कराने के लिए मैं आपका बहुत आभारी हूं। यह सच है कि मैं एक बहुत ही पिछड़े समुदाय से आता हूं। अखिलेश जी मेरे मित्र हैं इसलिए वे कभी-कभी मेरी मदद करते हैं। मैं देशवासियों का ऋणी हूं और मैं उन समाज-निर्माताओं का भी ऋणी हूं, जिनकी वजह से मैं आज यहां हूं।
लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। आज हम सभी दुनिया में भारत की स्वीकार्यता को महसूस करते हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है। मेरा मानना है कि ‘विकसित भारत’ का मतलब केवल रेलवे, सड़कें, बुनियादी ढांचा, या आर्थिक या प्रगति के आंकड़े ही नहीं हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि हम ‘विकसित भारत’ को लेकर इतनी संकीर्ण सोच रखने वाले लोग नहीं हैं। हम एक ऐसा ‘विकसित भारत’ चाहते हैं, जहां नीति-निर्माण में ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र सही मायने में साकार हो। यह समय की मांग है कि देश की 50% आबादी नीति-निर्माण का हिस्सा बने।
लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जरूरत यह थी कि जब 25-30 साल पहले पहली बार यह विचार आया था और इसकी जरूरत महसूस हुई थी तो हमें इसे लागू कर देना चाहिए था और आज हम इसे एक परिपक्व चरण तक ले आए हैं। जरूरत के हिसाब से इसमें समय-समय पर सुधार भी किया जाता है और यही लोकतंत्र की खूबसूरती है। हमारा देश ‘लोकतंत्र की जननी’ है। हमारा लोकतंत्र हजारों सालों से विकास की एक यात्रा रहा है और इस सदन में हम सभी को इस विकास यात्रा में एक नया आयाम जोड़ने का शुभ अवसर मिला है।
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