पिंड्राजोरा से बरामद नरकंकाल मामले में झारखण्ड हाईकोर्ट सख्त, कोलकाता के CFSL में होगी लापता पुष्पा के माता-पिता की DNA सैंपल जांच
मामला 31 जुलाई 2025 से लापता युवती पुष्पा से जुड़ा है, जिसका सुराग न मिलने पर पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
RANCHI : पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के मधुटॉड जंगल से बरामद नरकंकाल मामले में झारखण्ड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने लापता युवती पुष्पा के माता-पिता के डीएनए सैंपल की जांच कोलकाता स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (CFSL) में कराने का निर्देश दिया है। साथ ही जंगल से बरामद कंकाल का विस्तृत पोस्टमॉर्टम रांची के रिम्स में करने को कहा गया है। अदालत ने सरकार को दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
सुनवाई के दौरान डीजीपी, बोकारो एसपी, एफएसएल निदेशक और नई गठित एसआईटी की टीम व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर हुई। कोर्ट ने जांच प्रक्रिया में हो रही देरी पर कड़ा ऐतराज जताया। डीजीपी ने अदालत को भरोसा दिलाया कि मामले का जल्द से जल्द निष्पादन किया जाएगा। हालांकि, कोर्ट ने इस बात पर सवाल उठाए कि जब डीएनए सैंपल लेने के कुछ ही घंटों में प्रक्रिया शुरू हो सकती थी तो अब तक इतनी देरी क्यों की गई।
सरकार की ओर से कोर्ट को जानकारी दी गई कि इस मामले में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में 28 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को निलंबित किया गया है। इस पर माननीय न्यायालय ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल निचले स्तर के कर्मियों पर गाज गिराना पर्याप्त नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इतने बड़े मामले में उच्च अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए और कार्रवाई केवल दिखावा नहीं होनी चाहिए।
अगली सुनवाई में फिर हाजिर होंगे अधिकारी
मामला 31 जुलाई 2025 से लापता युवती पुष्पा से जुड़ा है, जिसका सुराग न मिलने पर पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हाईकोर्ट ने अब मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद की तय की है। अदालत ने निर्देश दिया है कि अगली तारीख पर भी डीजीपी, बोकारो एसपी और एसआईटी टीम को उपस्थित रहना होगा ताकि जांच की प्रगति का जायजा लिया जा सके।
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