Ganga Saptami : 23 अप्रैल को गंगा सप्तमी, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और संपूर्ण विधि
हिंदू पंचांग के अनुसार सप्तमी तिथि 22 अप्रैल की रात 10:52 बजे से शुरू होकर 23 अप्रैल की रात 8:52 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर यह पर्व 23 अप्रैल को मनाया जाएगा।
Ganga Saptami : गंगा सप्तमी हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है, जिसे हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था इसलिए इसे गंगा जयंती के रूप में भी जाना जाता है।
इस दिन विशेष रूप से मध्याह्न काल में मां गंगा की पूजा का महत्व बताया गया है। मान्यता है कि गंगा सप्तमी के दिन पवित्र नदी में स्नान करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति व आरोग्य की प्राप्ति होती है।
गंगा सप्तमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार सप्तमी तिथि 22 अप्रैल की रात 10:52 बजे से शुरू होकर 23 अप्रैल की रात 8:52 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर यह पर्व 23 अप्रैल को मनाया जाएगा।
पूजा के प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
ब्रह्म मुहूर्त : 04:45 AM से 05:30 AM
प्रातः संध्या : 05:08 AM से 06:16 AM
अभिजित मुहूर्त : 12:12 PM से 01:02 PM
विजय मुहूर्त : 02:44 PM से 03:35 PM
गोधूलि मुहूर्त : 06:57 PM से 07:20 PM
सायाह्न संध्या : 06:58 PM से 08:06 PM
गंगा सप्तमी पूजा विधि
इस दिन प्रातःकाल गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। अगर गंगा नदी में स्नान संभव न हो तो घर पर स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर भी स्नान किया जा सकता है। स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर पूजा स्थल पर मां गंगा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। इसके बाद धूप-दीप प्रज्वलित कर पुष्प, अक्षत, सिंदूर आदि अर्पित करें।
पूजा के दौरान मां गंगा का ध्यान करते हुए मंत्रों का जप करें और गंगा चालीसा का पाठ करें। अंत में आरती कर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त करें। धार्मिक मान्यता है कि विधि-विधान से की गई पूजा से जीवन में शांति, सकारात्मकता और स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है।
डिस्क्लेमर : यहां दी गई जानकारी धार्मिक आस्था और मान्यताओं पर आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
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