झारखंड में SIR की समीक्षा तेज, दस्तावेज नहीं देने वाले मतदाताओं की बूथवार सूची बनेगी; फॉर्म-8 को लेकर CEO के. रवि कुमार ने दिया निर्देश
रांची: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे SIR कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नोटिस की सुनवाई, पारित आदेशों के डिजिटाइजेशन और दावों एवं आपत्तियों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही, घोषणा पत्र के लिए आवश्यक सहायक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाने वाले पात्र मतदाताओं की बूथवार सूची तैयार करने और उन तक पहुंचकर सहायता देने को कहा।
रांची: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे SIR कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नोटिस की सुनवाई, पारित आदेशों के डिजिटाइजेशन और दावों एवं आपत्तियों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही, घोषणा पत्र के लिए आवश्यक सहायक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाने वाले पात्र मतदाताओं की बूथवार सूची तैयार करने और उन तक पहुंचकर सहायता देने को कहा।
दस्तावेजों की कमी वाले मतदाताओं तक पहुंचेगा प्रशासन
समीक्षा बैठक में के. रवि कुमार ने निर्देश दिया कि जिन पात्र भारतीय नागरिकों को फॉर्म-6 के घोषणा पत्र के लिए जरूरी सहायक दस्तावेज जुटाने में परेशानी हो रही है, उनकी बूथवार सूची बनाई जाए। इसके बाद आउटरीच कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे मतदाताओं से संपर्क कर उन्हें आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में मदद की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से नहीं छूटना चाहिए। इसके लिए नए मतदाताओं के पंजीकरण हेतु फॉर्म-6 के माध्यम से विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
नाम और विवरण में बदलाव के लिए फॉर्म-8 जरूरी
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदाताओं को फॉर्म-8 के महत्व के बारे में भी स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम, व्यक्तिगत विवरण या पते के स्थानांतरण से संबंधित बदलाव के लिए फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन देना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म में कोई विसंगति नहीं पाई गई है और नोटिस की सुनवाई के दौरान जिनका विवरण सही मिला है, उनका नाम और विवरण SIR की अंतिम मतदाता सूची में यथावत रखा जाएगा।
नो-मैपिंग और तार्किक विसंगति वाले मामलों की समीक्षा
बैठक में नो-मैपिंग और तार्किक विसंगति वाले मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया। के. रवि कुमार ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ERO) और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (AERO) के स्तर पर जारी प्रथम और द्वितीय नोटिस के निष्पादन की स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को दूसरा नोटिस जारी किया जा चुका है और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के गृह भ्रमण के बावजूद स्वीकार्य दस्तावेज जमा नहीं किए गए हैं, उनकी बूथवार सूची तैयार की जाए। इसके बाद संबंधित मतदाताओं तक पहुंचने के लिए विशेष संपर्क अभियान चलाया जाए। बिना नोटिस वाली श्रेणी के सभी मामलों का भी नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया।
सुनवाई के आदेश ECINET पर होंगे डिजिटाइज
डेमोग्राफिकली सिमिलर एंट्री (DSE), डेमोग्राफिकली सिमिलर मैपिंग, नो-मैपिंग और तार्किक विसंगति से जुड़े मामलों में नियमानुसार सुनवाई के बाद अंतिम सकारण आदेश पारित करने का निर्देश दिया गया। यदि किसी प्रविष्टि के गलत होने की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सुनवाई के बाद पारित सकारण आदेशों की प्रतियां ECINET पर डिजिटाइज करने को भी कहा। इसका उद्देश्य सुनवाई और आदेशों से संबंधित रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखना तथा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
दावों और आपत्तियों के लंबित आवेदनों का जल्द होगा निष्पादन
बैठक में फॉर्म-6, फॉर्म-6A, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के जरिए प्राप्त आवेदनों के डिजिटलीकरण की ERO और AERO-वार समीक्षा की गई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने लंबित कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद प्राप्त दावों और आपत्तियों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर नियमानुसार निष्पादन किया जाए, ताकि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता बनी रहे।
कई निर्वाचन पदाधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर और अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित विभिन्न जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ERO, संबंधित AERO और कंप्यूटर ऑपरेटर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
झारखंड में SIR की इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का समय पर निष्पादन, पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना और मतदाता सूची में त्रुटियों को नियमानुसार दूर करना है।
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