चतरा एसिड अटैक मामले में आरोपी संदीप भारती को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया 4 लाख से अधिक का जुर्माना

चतरा: हंटरगंज थाना क्षेत्र के चर्चित एसिड अटैक मामले में करीब चार साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो अमरेश कुमार की अदालत ने आरोपी संदीप भारती को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने विभिन्न धाराओं में सजा के साथ जुर्माना भी लगाया है। आरोपी फिलहाल हजारीबाग सेंट्रल जेल में बंद है।

Sep 29, 2026 - 10:22
चतरा एसिड अटैक मामले में आरोपी संदीप भारती को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया 4 लाख से अधिक का जुर्माना

चतरा: हंटरगंज थाना क्षेत्र के चर्चित एसिड अटैक मामले में करीब चार साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो अमरेश कुमार की अदालत ने आरोपी संदीप भारती को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने विभिन्न धाराओं में सजा के साथ जुर्माना भी लगाया है। आरोपी फिलहाल हजारीबाग सेंट्रल जेल में बंद है।

मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता समेत कुल 18 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 25 सितंबर को संदीप भारती को दोषी करार दिया था। इसके बाद सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आरोपी की पेशी कराकर सजा सुनाई गई।

सो रही नाबालिग और उसकी मां पर किया था एसिड अटैक

अभियोजन के अनुसार, अगस्त 2022 में संदीप भारती ने हंटरगंज थाना क्षेत्र के बेला गांव स्थित पीड़िता के घर में घुसकर आधी रात को सो रही नाबालिग बच्ची और उसकी मां पर तेजाब फेंक दिया था। हमले में मां आंशिक रूप से झुलस गई थी, जबकि नाबालिग बच्ची का करीब 80 से 90 प्रतिशत शरीर झुलस गया था।

गंभीर रूप से घायल बच्ची को पहले हंटरगंज में प्राथमिक उपचार के बाद मगध मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हालत गंभीर होने के बाद उसे एयरलिफ्ट कर एम्स भेजा गया था। अभियोजन के मुताबिक, उसके इलाज का खर्च सरकार द्वारा उठाया जाएगा।

केस वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप

प्रभारी लोक अभियोजक अमित कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, एसिड अटैक से पहले पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत हंटरगंज थाने में मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद पुराने मामले को वापस लेने का दबाव बनाने के उद्देश्य से पीड़िता के घर पहुंचा और एसिड अटैक कर दिया।

घटना के बाद 5 अगस्त 2022 को हंटरगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

अलग-अलग धाराओं में सुनाई गई सजा

अभियोजन के अनुसार अदालत ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत अलग-अलग सजा सुनाई है।

  • धारा 326ए: आजीवन कारावास और 3 लाख रुपये जुर्माना। जुर्माना नहीं देने पर 3 साल अतिरिक्त कारावास।

  • धारा 307: आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माना। जुर्माना नहीं देने पर 4 महीने अतिरिक्त कारावास।

  • धारा 450: 10 वर्ष की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माना। जुर्माना नहीं देने पर 2 महीने अतिरिक्त कारावास।

  • धारा 506: 2 वर्ष की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना। जुर्माना नहीं देने पर 1 महीने अतिरिक्त कारावास।

  • पॉक्सो एक्ट की संबंधित धारा: 3 वर्ष की सजा और 30 हजार रुपये जुर्माना। जुर्माना नहीं देने पर 3 महीने अतिरिक्त कारावास।

इस तरह उपलब्ध अभियोजन विवरण के अनुसार विभिन्न धाराओं में कुल 3.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

पीड़िता को मिलेगी जुर्माने की राशि

प्रभारी लोक अभियोजक ने बताया कि अदालत के निर्देश के अनुसार जुर्माने की राशि पीड़िता को दी जाएगी। इसके अलावा उसके इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी। सरकारी प्रावधानों के तहत पीड़िता को विभिन्न योजनाओं का लाभ देने का निर्देश भी दिया गया है।

मामले की सुनवाई में वरिष्ठ अधिवक्ता राधेश्याम यादव ने अभियोजन पक्ष को सहयोग किया।

स्पीडी ट्रायल के तहत हुई सुनवाई

अभियोजन पक्ष के अनुसार, नाबालिग पर एसिड अटैक से जुड़े इस मामले की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर की गई। अभियोजन ने बताया कि मामले में पीड़िता समेत 18 गवाहों की गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया और इसके बाद सजा सुनाई।

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