तेलंगाना में इमामगंज के मजदूर रवि कुमार की मौत, परिजनों ने लगाया किडनी निकालने का आरोप; तिरुपति अस्पताल में 3 दिन से शव
शेरघाटी। गया जिले के शेरघाटी अनुमंडल के इमामगंज थाना क्षेत्र स्थित सिद्धपुर शमसाबाद गांव निवासी रवि कुमार की आंध्र प्रदेश के तिरुपति में मौत हो गई। रवि कुमार मजदूरी करने के लिए आंध्र प्रदेश गए थे, जहां वह टाइल्स लगाने का काम करते थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसरा हुआ है।
शेरघाटी:- गया जिले के शेरघाटी अनुमंडल के इमामगंज थाना क्षेत्र स्थित सिद्धपुर शमसाबाद गांव निवासी रवि कुमार की आंध्र प्रदेश के तिरुपति में मौत हो गई। रवि कुमार मजदूरी करने के लिए आंध्र प्रदेश गए थे, जहां वह टाइल्स लगाने का काम करते थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसरा हुआ है।
मृतक के परिजनों ने ठेकेदार पर रवि की किडनी निकालने और उसकी मौत से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविकता पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड और आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
परिजनों के अनुसार, इमामगंज के रानीगंज निवासी ठेकेदार अकबर अली की ओर से रवि के शव का अस्पताल से एक वीडियो भेजा गया। वीडियो में रवि के पेट पर टांके दिखाई दे रहे हैं। इसे लेकर परिजनों ने कई सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बताया जा रहा है कि रवि कुमार का शव पिछले तीन दिनों से रामनारायण रुइया गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल, तिरुपति में रखा हुआ है। शव गांव नहीं पहुंचने के कारण परिजन परेशान हैं। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिवार का आर्थिक सहारा थे रवि
रवि पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। परिजनों के मुताबिक, उनके चार बड़े भाई मानसिक रूप से कमजोर हैं और होटल-ढाबों में काम कर किसी तरह गुजर-बसर करते हैं। ऐसे में रवि परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा थे। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी गहरा गया है।
जीतन राम मांझी से लगाई मदद की गुहार
पीड़ित परिवार ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी से हस्तक्षेप कर रवि कुमार का शव जल्द से जल्द पैतृक गांव लाने में मदद की अपील की है। साथ ही परिजनों ने मौत की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल रवि की मौत किन परिस्थितियों में हुई और पेट पर टांके क्यों लगाए गए थे, इसका स्पष्ट जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड और आधिकारिक जांच के बाद ही सामने आएगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0

