झारखंड में 19-20 नवंबर को ELC-2.0, SIR सुनवाई में अतिरिक्त दस्तावेज नहीं मांगने का निर्देश

रांची। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य के सभी जिलों में Electoral Literacy Clubs (ELCs) को पुनर्गठित कर सक्रिय करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि आगामी 19 और 20 नवंबर को ELC-2.0 के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं और पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता पंजीकरण तथा मतदान के अधिकार के प्रति जागरूक किया जाएगा।

Sep 19, 2026 - 17:35
झारखंड में 19-20 नवंबर को ELC-2.0, SIR सुनवाई में अतिरिक्त दस्तावेज नहीं मांगने का निर्देश

रांची:- झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य के सभी जिलों में Electoral Literacy Clubs (ELCs) को पुनर्गठित कर सक्रिय करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि आगामी 19 और 20 नवंबर को ELC-2.0 के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं और पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता पंजीकरण तथा मतदान के अधिकार के प्रति जागरूक किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा एवं शंका निवारण सत्र में अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान चल रही सुनवाई में मतदाताओं से किसी विशेष या अतिरिक्त दस्तावेज की मांग नहीं की जाए। पहले से उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पात्रता की जांच करते हुए नियमानुसार स्पीकिंग ऑर्डर पारित किया जा सकता है।

उन्होंने फॉर्म-6 के माध्यम से प्राप्त नए एवं युवा पात्र भारतीय नागरिकों के आवेदनों का समयबद्ध डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही मतदान केंद्रों के नजरी नक्शे के आधार पर एक बार फिर जांच और स्थल निरीक्षण कर अंतिम प्रारूप तैयार करने का निर्देश दिया।

बुजुर्ग मतदाताओं के लिए रिवर्स पैरेंटल लिंकेज

शंका निवारण सत्र में अधिकारियों ने बिना दस्तावेज वाले बुजुर्ग मतदाताओं को लेकर सवाल किया। इस पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि ऐसे वृद्ध मतदाताओं का उनके पात्र भारतीय नागरिक बच्चों या नाती-पोतों से रिवर्स पैरेंटल लिंकेज करते हुए मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

दस्तावेज नहीं होने पर महिला मतदाताओं का सत्यापन

ससुराल में रहने वाली ऐसी महिला मतदाता, जिनके पास अपने दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनके सत्यापन के लिए माता-पिता से मैपिंग को मान्य बताया गया। पात्र होने की स्थिति में माता-पिता अथवा भाई-बहन द्वारा मतदाता सूची में प्रस्तुत किए जा रहे मान्य दस्तावेजों को संकलित करने के निर्देश दिए गए।

वंशावली को लेकर भी स्पष्ट निर्देश

मुखिया स्तर से प्रस्तुत की जा रही वंशावली को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सक्षम पदाधिकारी या अंचल अधिकारी के स्तर से जारी वंशावली अथवा पारिवारिक सूची ही मान्य होगी।

उन्होंने सभी ERO और AERO को BLO के कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा करने तथा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में कोई पात्र भारतीय नागरिक छूटे नहीं और कोई अपात्र या विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल न हो।

इस समीक्षा सह शंका निवारण सत्र में उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह समेत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के ERO और AERO मौजूद रहे। 

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