झारखंड में नए रॉयल्टी चालान सिस्टम से 50 हजार संवेदक परेशान, 10 हजार करोड़ रुपये का भुगतान अटका

रांची: झारखंड में खनन विभाग के नए रॉयल्टी चालान सिस्टम को लेकर राज्य के करीब 50 हजार छोटे-बड़े संवेदकों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। संवेदकों का दावा है कि नई व्यवस्था के कारण करीब 10 हजार करोड़ रुपये के बिल भुगतान लंबित हैं। उनका कहना है कि विभागीय कार्य पूरा करने के बावजूद बिल भुगतान के लिए ईंट, बालू, स्टोन चिप्स और मिट्टी से संबंधित चालान मांगे जा रहे हैं।

Sep 16, 2026 - 20:22
Sep 16, 2026 - 20:41
झारखंड में नए रॉयल्टी चालान सिस्टम से 50 हजार संवेदक परेशान, 10 हजार करोड़ रुपये का भुगतान अटका

रांची: झारखंड में खनन विभाग के नए रॉयल्टी चालान सिस्टम को लेकर राज्य के करीब 50 हजार छोटे-बड़े संवेदकों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। संवेदकों का दावा है कि नई व्यवस्था के कारण करीब 10 हजार करोड़ रुपये के बिल भुगतान लंबित हैं। उनका कहना है कि विभागीय कार्य पूरा करने के बावजूद बिल भुगतान के लिए ईंट, बालू, स्टोन चिप्स और मिट्टी से संबंधित चालान मांगे जा रहे हैं।

संवेदकों के मुताबिक, बालू घाटों की नीलामी नहीं होने के कारण बालू का चालान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वहीं ईंट और मिट्टी का चालान मिलना भी उनके लिए मुश्किल है। ऐसे में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी संबंधित विभागों में बिल का भुगतान अटक गया है।

बुधवार को रांची के बिरसा चौक स्थित एक निजी होटल में झारखंड के संवेदकों की बैठक हुई। बैठक में राज्यभर से पहुंचे संवेदकों ने नई रॉयल्टी चालान व्यवस्था के कारण उत्पन्न समस्याओं को लेकर अपनी परेशानियां साझा कीं। बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी सप्ताह संवेदकों का प्रतिनिधिमंडल खनन विभाग के सचिव से मुलाकात कर पूरी समस्या से अवगत कराएगा।

बिल्डर संघ के अध्यक्ष अशोक प्रधान ने कहा कि संघ संवेदकों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों द्वारा संवेदकों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

वहीं राज्य संवेदक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने संवेदकों से भयमुक्त होकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संवेदकों का भुगतान रोका नहीं जा सकता। जरूरत पड़ने पर राज्यभर के संवेदक संबंधित विभाग के समक्ष एकजुट होकर अपनी बात रखेंगे।

बैठक के दौरान नगर निगम संवेदक संघ के पूर्व अध्यक्ष राकेश चौधरी ने खनन विभाग के सचिव से दूरभाष पर बातचीत कर संवेदकों की समस्याओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस समस्या का समाधान होने और लंबित भुगतान को लेकर राहत मिलने की उम्मीद है।

बताया गया कि विभागीय सचिव के दिल्ली प्रवास से लौटने के बाद संवेदक प्रतिनिधिमंडल की ओर से उन्हें इस संबंध में ज्ञापन सौंपा जाएगा। राकेश चौधरी ने कहा कि संवेदकों की समस्याओं को लेकर संघ 24 घंटे उनके साथ उपलब्ध रहेगा।

नए शेड्यूल रेट पर भी उठी मांग

बैठक में संवेदकों ने सरकार की ओर से जारी किए गए नए शेड्यूल रेट पर सहमति जताई। संवेदकों ने मांग की कि वर्तमान में जारी सभी टेंडरों को रद्द कर नए शेड्यूल रेट के आधार पर दोबारा टेंडर जारी किए जाएं।

संवेदकों का कहना है कि नई रॉयल्टी चालान व्यवस्था और निर्माण सामग्री के चालान से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो लंबित भुगतान का मामला और गंभीर हो सकता है। अब संवेदकों की नजर खनन विभाग के सचिव के साथ प्रस्तावित बैठक और सरकार की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है।

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