UPI से शेयर-IPO और म्यूचुअल फंड में निवेश पर बदलेगा नियम, जानें MDR का कितना पड़ेगा असर
नई दिल्ली: UPI के जरिए शेयर, IPO और म्यूचुअल फंड में पैसे लगाने वाले निवेशकों के लिए अक्टूबर से नया नियम लागू होने जा रहा है। नए Merchant Discount Rate (MDR) फ्रेमवर्क के तहत कैपिटल मार्केट से जुड़े UPI भुगतान के लिए 0.02 प्रतिशत MDR निर्धारित किया गया है। इसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन होगी। यह नया फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।
नई दिल्ली: UPI के जरिए शेयर, IPO और म्यूचुअल फंड में पैसे लगाने वाले निवेशकों के लिए अक्टूबर से नया नियम लागू होने जा रहा है। नए Merchant Discount Rate (MDR) फ्रेमवर्क के तहत कैपिटल मार्केट से जुड़े UPI भुगतान के लिए 0.02 प्रतिशत MDR निर्धारित किया गया है। इसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन होगी। यह नया फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर निवेशक के बैंक खाते से अलग से MDR की रकम काटी जाएगी। उपलब्ध नियमों के मुताबिक MDR का भार मर्चेंट या संबंधित इंटरमीडियरी पर है और इसे ग्राहक पर अलग से डालने की अनुमति नहीं है। हालांकि, अलग-अलग ब्रोकर, म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म या इंटरमीडियरी इस लागत को किस तरह संभालते हैं, यह उनके सिस्टम पर निर्भर करेगा।
₹10 हजार के निवेश पर कितना MDR?
कैपिटल मार्केट पेमेंट के लिए 0.02 प्रतिशत की दर रखी गई है। उदाहरण के तौर पर ₹10,000 के भुगतान पर MDR की गणना ₹2, ₹50,000 पर ₹10 और ₹1 लाख पर ₹20 होगी। बड़े ट्रांजैक्शन में यह शुल्क अधिकतम ₹300 तक सीमित रहेगा।
किन भुगतानों पर लागू होगा?
नए फ्रेमवर्क में म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉकब्रोकर, डीलर्स और अन्य कैपिटल मार्केट से जुड़े UPI भुगतान को अलग श्रेणी में रखा गया है। इसलिए निवेश से जुड़े UPI पेमेंट पर सामान्य मर्चेंट पेमेंट की दर लागू नहीं होगी।
SIP करने वालों पर क्या असर?
हर महीने UPI के जरिए SIP या म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों के लिए 0.02 प्रतिशत की दर से गणना की जाए तो रकम अपेक्षाकृत कम बैठती है। उदाहरण के लिए ₹10,000 की SIP पर 0.02 प्रतिशत की गणना ₹2 होती है। हालांकि, निवेशक को अपने इस्तेमाल किए जा रहे प्लेटफॉर्म के शुल्क नियमों को भी देखना होगा।
आम UPI पेमेंट पर क्या होगा?
नया MDR फ्रेमवर्क मुख्य रूप से चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) भुगतान पर लागू होगा। आम ग्राहकों के लिए UPI पेमेंट पर अलग से MDR वसूलने का प्रावधान नहीं है और Person-to-Person (P2P) ट्रांजैक्शन भी शुल्कमुक्त रहेंगे।
इस तरह शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में UPI के जरिए भुगतान करने वालों के लिए मुख्य बदलाव MDR की नई दर है, जबकि वास्तविक लागत निवेशक तक पहुंचेगी या नहीं, यह संबंधित प्लेटफॉर्म की शुल्क व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
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