बोकारो में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक, उपायुक्त अजय नाथ झा ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही पर दिया जोर

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में उपायुक्त श्री अजय नाथ झा ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि प्रत्येक कमी के कारणों की पहचान कर उसके समाधान के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।

Sep 28, 2026 - 19:15
बोकारो में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक, उपायुक्त अजय नाथ झा ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही पर दिया जोर

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में उपायुक्त श्री अजय नाथ झा ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि प्रत्येक कमी के कारणों की पहचान कर उसके समाधान के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।

बैठक में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रत्येक मामले की केस-टू-केस समीक्षा करने तथा मृत्यु के कारणों की पहचान कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

उन्होंने सरकारी और निजी अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट कराने पर भी जोर दिया। स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच करने और सामने आने वाली कमियों को निर्धारित समय सीमा में दूर करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में मौजूद कमियों की समीक्षा करते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर करने को कहा। उन्होंने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध संसाधनों, व्यवस्थाओं और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।

बैठक के दौरान डॉक्टर, नर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ के संवेदनशील व्यवहार को भी महत्वपूर्ण बताया गया। उपायुक्त ने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ स्वास्थ्यकर्मियों का व्यवहार स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए मरीजों के प्रति सम्मानजनक और संवेदनशील रवैया सुनिश्चित किया जाए।

इसके अलावा एएनसी (प्रसव पूर्व जांच), टीकाकरण और नवजात शिशु देखभाल की स्थिति में सुधार लाने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण सूचकांक की नियमित समीक्षा हो और जहां भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे हैं, वहां समस्या के वास्तविक कारणों की पहचान कर सुधार की ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

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