जीबीएम कॉलेज में "हिन्दी भाषा और वर्तमान समय" पर एक दिवसीय व्याख्यान का हुआ आयोजन, बोलचाल की भाषा में हिन्दी का प्रयोग करने की है आवश्यकता

गौतम बुद्ध महिला कॉलेज में हिन्दी पखवाड़ा के तहत हिन्दी विभाग की ओर से "हिन्दी भाषा और वर्तमान समय" विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन हुआ।

Sep 28, 2026 - 18:29
जीबीएम कॉलेज में "हिन्दी भाषा और वर्तमान समय" पर एक दिवसीय व्याख्यान का हुआ आयोजन, बोलचाल की भाषा में हिन्दी का प्रयोग करने की है आवश्यकता

गया जी। गौतम बुद्ध महिला कॉलेज में हिन्दी पखवाड़ा के तहत हिन्दी विभाग की ओर से "हिन्दी भाषा और वर्तमान समय" विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम अध्यक्ष प्रधानाचार्य डॉ सीमा पटेल, मुख्य अतिथि डॉ श्रीधर करुणानिधि वरीय सहायक प्राध्यापक, हिन्दी विभाग, गया कॉलेज, गया जी, बर्सर डॉ सहदेब बाउरी, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी, हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ प्यारे माँझी, डॉ सुनीता कुमारी एवं डॉ सुरबाला कृष्णा ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित करके किया। प्रधानाचार्या डॉ पटेल ने मुख्य अतिथि का स्वागत अंगवस्त्र एवं छात्राओं द्वारा कॉलेज की बगिया के फूलों से बना पुष्पगुच्छ प्रदान करके किया। स्नेहा, रिमझिम, जिया, छोटी एवं सान्या ने सुमधुर स्वर में स्वागत गान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के संचालक डॉ प्यारे माँझी एवं डॉ सुनीता कुमारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। भाषा को अभिव्यक्ति का माध्यम बताते हुए डॉ माँझी ने हिन्दी भाषा एवं मगही, ब्रज, अवधी बोलियों के इतिहास पर सविस्तार चर्चा की। उन्होंने लुप्त होती बोलियों एवं भाषाओं पर चिंता जताते हुए हिन्दी भाषा को संरक्षित और सुरक्षित रखने के लिए प्रयत्नशील रहने की बात कही। दिव्यांशी सिन्हा, स्नेहा मिश्रा, रिमझिम, रिया, सुहानी, श्वेता, अलीशा ने काव्य पाठ किया। छात्राओं द्वारा इकबाल द्वारा रचित "सारे जहाँ से अच्छा" गीत गाया गया। हिन्दी विभाग की नैना कुमारी एवं लक्ष्मी कुमारी ने हिन्दी की महत्ता पर प्रकाश डाला। मुस्कान ने लोकगीत "पढ़ लिख बबुआ, कलमवे में जान बा" सुनाया। काजल, जिया एवं रेशमी ने एकल अभिनय प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ श्रीधर करुणानिधि ने कहा कि "हमें हिन्दी भाषा का प्रयोग सिर्फ 14 सितम्बर तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए। हिन्दी भाषा के गौरव एवं संवर्द्धन के लिए इसका निरंतर प्रयोग करना चाहिए। अध्यक्षीय संबोधन में डॉ सीमा पटेल ने छात्राओं को "हिन्दी में शुद्ध-शुद्ध लिखने और बोलने कहा। उन्होंने कहा कि अगर हम हिन्दी भाषा को व्यवहार में नहीं लाएंँगे, तो एक दिन इसका अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुरबाला कृष्णा ने किया और कहा कि जो कुछ भी हो, हमें 'स्वांतः सुखाय' के लिए भी, कुछ न कुछ सृजनात्मक लेखन करते रहना चाहिए।कार्यक्रम में डॉ सहदेब बाउरी, डॉ शगुफ्ता अंसारी, डॉ रश्मि प्रियदर्शनी, प्रीति शेखर, डॉ पूजा, डॉ फरहीन वजीरी, डॉ नगमा शादाब, डॉ जया चौधरी, डॉ दीपिका, डॉ आशुतोष कुमार पांडेय, डॉ अमृता कुमारी घोष, डॉ अनामिका कुमारी, डॉ प्रमिला कुमारी, डॉ नुद्रतुन निसां, डॉ शबाना परवीन हुसैन, डॉ सपना पांडे, डॉ गणेश प्रसाद, डॉ. सीमा, डॉ. किरण आदि शिक्षक सहित अनेक छात्राओं की उपस्थिति रही।

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