फ्लाईदुबई घटना के बीच क्यों याद आया 50 साल पुराना एंटेबे कांड? 100 से ज्यादा बंधकों को छुड़ाने इजरायल ने 4 हजार किमी दूर चलाया था ऑपरेशन

फ्लाईदुबई से जुड़ी मौजूदा घटना के बीच करीब 50 साल पुराने एंटेबे हाइजैक की कहानी एक बार फिर चर्चा में है। साल 1976 में एयर फ्रांस की एक फ्लाइट को हाईजैक कर युगांडा के एंटेबे एयरपोर्ट ले जाया गया था। विमान में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे, जिनमें करीब 100 यहूदी और इजरायली यात्री शामिल थे। हाईजैकर्स ने यहूदियों और इजरायलियों को अलग कर बंधक बना लिया था।

Oct 1, 2026 - 11:15
फ्लाईदुबई घटना के बीच क्यों याद आया 50 साल पुराना एंटेबे कांड? 100 से ज्यादा बंधकों को छुड़ाने इजरायल ने 4 हजार किमी दूर चलाया था ऑपरेशन

फ्लाईदुबई से जुड़ी मौजूदा घटना के बीच करीब 50 साल पुराने एंटेबे हाइजैक की कहानी एक बार फिर चर्चा में है। साल 1976 में एयर फ्रांस की एक फ्लाइट को हाईजैक कर युगांडा के एंटेबे एयरपोर्ट ले जाया गया था। विमान में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे, जिनमें करीब 100 यहूदी और इजरायली यात्री शामिल थे। हाईजैकर्स ने यहूदियों और इजरायलियों को अलग कर बंधक बना लिया था।

क्या हुआ था एंटेबे में?

27 जून 1976 को एयर फ्रांस की फ्लाइट 139 ने तेल अवीव से पेरिस के लिए उड़ान भरी थी। एथेंस में रुकने के बाद विमान को आतंकवादियों ने हाईजैक कर लिया और उसे युगांडा के एंटेबे एयरपोर्ट ले जाया गया। वहां यात्रियों को बंधक बनाकर आतंकवादियों ने कैदियों की रिहाई समेत कई मांगें रखीं। युगांडा के तत्कालीन राष्ट्रपति ईदी अमीन के शासन से भी हाईजैकर्स को समर्थन मिला था।

इजरायल ने एक तरफ बातचीत का रास्ता खुला रखा, वहीं दूसरी तरफ गुप्त रूप से बंधकों को छुड़ाने के लिए सैन्य अभियान की तैयारी शुरू कर दी। करीब 3,600 से 4,000 किलोमीटर दूर स्थित एंटेबे तक पहुंचना अपने आप में बेहद चुनौतीपूर्ण था।

कैसे हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन?

4 जुलाई 1976 की रात इजरायली कमांडो चार सी-130 हरक्यूलिस विमानों से एंटेबे पहुंचे। ऑपरेशन में कमांडो एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल तक पहुंचे, जहां बंधकों को रखा गया था। हमले के दौरान हाईजैकर्स और युगांडा के सैनिकों के साथ गोलीबारी हुई और बंधकों को बाहर निकालकर विमानों तक पहुंचाया गया।

इस अभियान को बाद में 'ऑपरेशन योनातन' के नाम से भी जाना गया। ऑपरेशन के दौरान सायरत मतकल यूनिट के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल योनातन नेतन्याहू मारे गए। वह इजरायल के मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बड़े भाई थे।

क्यों याद किया जाता है एंटेबे ऑपरेशन?

एंटेबे ऑपरेशन को आज भी इजरायल के इतिहास के चर्चित बंधक-रेस्क्यू अभियानों में गिना जाता है। इस अभियान में अधिकांश बंधकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, हालांकि ऑपरेशन के दौरान कुछ बंधकों की भी मौत हुई और योनातन नेतन्याहू समेत इजरायली सैनिक भी मारे गए।

करीब पांच दशक बाद एंटेबे की कहानी इसलिए भी चर्चा में आती है क्योंकि यह घटना विमान हाईजैकिंग, बंधक संकट और विदेश में सैन्य रेस्क्यू ऑपरेशन के इतिहास का एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जाती है।

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