बिहार में विमानन क्षेत्र को मिलेगी नई उड़ान, सोनपुर और अजगैवीनाथ में बनेंगे इंटरनेशनल एयरपोर्ट और एमआरओ हब
पटना: बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने और विमानन क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। राज्य में सोनपुर (सारण) और अजगैवीनाथ धाम (सुल्तानगंज, भागलपुर) में प्रस्तावित दो ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को अत्याधुनिक विमानन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। खास बात यह है कि इन दोनों एयरपोर्ट पर बड़े विमानों की मरम्मत, रखरखाव और ओवरहॉलिंग (एमआरओ) की सुविधा के साथ पायलटों के प्रशिक्षण के लिए फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे।
पटना: बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने और विमानन क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। राज्य में सोनपुर (सारण) और अजगैवीनाथ धाम (सुल्तानगंज, भागलपुर) में प्रस्तावित दो ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को अत्याधुनिक विमानन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। खास बात यह है कि इन दोनों एयरपोर्ट पर बड़े विमानों की मरम्मत, रखरखाव और ओवरहॉलिंग (एमआरओ) की सुविधा के साथ पायलटों के प्रशिक्षण के लिए फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे।
राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी योजना को जमीन पर उतारने के लिए विशेष एविएशन विजन एंड पॉलिसी तैयार कर रही है। इस संबंध में बिहार के सिविल विमानन विभाग के सचिव डॉ. निलेश रामचंद्र देवरे की ओर से संकल्प पत्र जारी किया गया है। सरकार का लक्ष्य बिहार को विमानन क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान दिलाना है।
86 लाख रुपये से अधिक खर्च कर तैयार होगा एविएशन रोडमैप
इस योजना के लिए राज्य सरकार ने गुरुग्राम की कंसल्टेंसी एजेंसी केपीएमजी इंडिया सर्विसेज एलएलपी को परामर्शी नियुक्त किया है। एजेंसी बिहार के लिए विस्तृत एविएशन पॉलिसी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप रोडमैप तैयार करेगी। इसके लिए करीब 86.17 लाख रुपये और लागू टैक्स का भुगतान किया जाएगा। इस रोडमैप में राज्य की भौगोलिक स्थिति, आर्थिक गतिविधियों, व्यावसायिक संभावनाओं और विमानन क्षेत्र के विकास की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा।
क्षेत्रीय एयरपोर्ट का भी होगा कायाकल्प
सरकार की योजना सिर्फ दो बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक सीमित नहीं है। इसके तहत मुजफ्फरपुर के पताही, वीरपुर, वाल्मीकिनगर और सहरसा एयरपोर्ट को भी विकसित करने की तैयारी है। इन हवाई अड्डों के रनवे और अन्य बुनियादी सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा, ताकि छोटे वाणिज्यिक विमानों का परिचालन शुरू करने की संभावनाएं बढ़ाई जा सकें।
पर्यटन, निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार का मानना है कि एविएशन सेक्टर के विस्तार से बिहार में पर्यटन और व्यापार को नई गति मिलेगी। इसके अलावा निवेश के अवसर बढ़ेंगे और विमानन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। एमआरओ सुविधाओं और फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना से तकनीकी विशेषज्ञों, इंजीनियरों और पायलटों के प्रशिक्षण के लिए भी बेहतर अवसर तैयार हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, बिहार सरकार की यह पहल राज्य को हवाई परिवहन के साथ-साथ विमान रखरखाव और विमानन प्रशिक्षण के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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