झारखंड में कार्बन मार्केट से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर, किसानों और आदिवासी समुदायों को मिलेगा लाभ

रांची: जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए झारखंड सरकार कार्बन मार्केट की संभावनाओं पर काम कर रही है। इसी उद्देश्य से वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से रांची के होटल चाणक्य बीएनआर में “Leveraging Carbon Market for a Climate Resilient Jharkhand” विषय पर हितधारक कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें सरकारी विभागों, वित्तीय संस्थानों, जलवायु विशेषज्ञों, विकास संगठनों और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

Oct 31, 2026 - 13:02
Oct 31, 2026 - 13:07
झारखंड में कार्बन मार्केट से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर, किसानों और आदिवासी समुदायों को मिलेगा लाभ

रांची: जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए झारखंड सरकार कार्बन मार्केट की संभावनाओं पर काम कर रही है। इसी उद्देश्य से वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से रांची के होटल चाणक्य बीएनआर में “Leveraging Carbon Market for a Climate Resilient Jharkhand” विषय पर हितधारक कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें सरकारी विभागों, वित्तीय संस्थानों, जलवायु विशेषज्ञों, विकास संगठनों और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

कार्यशाला में इस बात पर चर्चा हुई कि कार्बन वित्त के माध्यम से जलवायु अनुकूल कृषि, कृषि वानिकी, भूमि पुनर्स्थापन और ग्रामीण आजीविका को किस तरह बढ़ावा दिया जा सकता है। साथ ही किसानों और जनजातीय समुदायों को कार्बन मार्केट से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

कार्बन ट्रेडिंग से पर्यावरण संरक्षण और रोजगार को बढ़ावा

कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख संजीव कुमार ने कहा कि कार्बन ट्रेडिंग पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय आजीविका को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है। इसके लिए उद्योग, खनन और ऊर्जा समेत सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

उन्होंने ISRO के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए झारखंड में लगभग 69 प्रतिशत भूमि क्षरण की चुनौती पर चिंता जताई। उन्होंने जल संरक्षण, वृक्षारोपण, भूमि पुनर्स्थापन और बायोगैस जैसे उपायों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।

पीसीसीएफ एवं चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन रवि रंजन ने सामुदायिक आजीविका को प्राथमिकता देने और वैज्ञानिक व प्रमाण-आधारित आंकड़ों के आधार पर कार्बन परियोजनाएं विकसित करने पर जोर दिया। वहीं, नाबार्ड के डीजीएम राकेश सिन्हा ने नाबार्ड की योजनाओं और वित्तीय सहयोग के जरिए किसानों एवं ग्रामीण समुदायों तक कार्बन वित्त पहुंचाने की संभावनाएं बताईं।

पूर्व पीसीसीएफ डॉ. एचएस गुप्ता ने कार्बन मार्केट को पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका के लिए महत्वपूर्ण बताया। पीसीसीएफ (वेटलैंड) एटी मिश्रा ने आर्द्रभूमि संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।

वैज्ञानिक तकनीक से होगा कार्बन भंडार का आकलन

कार्यशाला में CLIMATEX की ओर से विभाग के लिए किए गए व्यवहार्यता अध्ययन के निष्कर्ष प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा उपग्रह चित्रों और वैज्ञानिक मॉडल के माध्यम से जैवभार एवं मृदा कार्बन भंडार का आकलन करने वाले डिजिटल मापन, रिपोर्टिंग एवं सत्यापन (dMRV) उपकरण का प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर झारखंड के लिए तैयार “Climate Hazard Mapping For Jharkhand” रिपोर्ट का भी विमोचन किया गया। तकनीकी सत्रों में सरकारी योजनाओं को कार्बन बाजार से जोड़ने, मिश्रित एवं परोपकारी वित्त, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) और प्रभाव निवेश के माध्यम से जलवायु अनुकूल परियोजनाओं का विस्तार करने पर चर्चा हुई।

किसानों और जनजातीय समुदायों की आजीविका मजबूत करने पर जोर

CLIMATEX के निदेशक विजय ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य राज्य में जलवायु अनुकूल कृषि, कृषि वानिकी और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए कार्बन वित्त की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना है।

कार्यशाला में नाबार्ड, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, GIZ, क्लाइमेट पॉलिसी इनिशिएटिव (CPI), झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS), प्रदान (PRADAN), सोशल अल्फा, हिंडाल्को, सिंजेंटा फाउंडेशन और एक्सीसिट-एक्सएलआरआई-नाबार्ड इन्क्यूबेशन सेंटर समेत विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

कार्यक्रम में वन प्रमंडल पदाधिकारी अनुराधा मिश्रा ने स्वागत भाषण दिया। कार्यशाला में इस बात पर जोर दिया गया कि कार्बन वित्त का प्रभावी इस्तेमाल ग्रामीण और जनजातीय समुदायों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने की झारखंड की क्षमता को मजबूत करने में मददगार हो सकता है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0