झारखंड में विकास योजनाओं की धीमी रफ्तार पर दीपिका पांडेय सिंह सख्त, अधिकारियों को समयबद्ध काम पूरा करने का निर्देश
रांची: झारखंड में केंद्र प्रायोजित विकास योजनाओं को गति देने और उनका लाभ आम जनता तक पहुंचाने को लेकर राज्य सरकार ने सख्ती दिखाई है। ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि विकास योजनाओं की समीक्षा केवल कागजों और आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लाभुकों तक पहुंच रहा है या नहीं।
रांची: झारखंड में केंद्र प्रायोजित विकास योजनाओं को गति देने और उनका लाभ आम जनता तक पहुंचाने को लेकर राज्य सरकार ने सख्ती दिखाई है। ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि विकास योजनाओं की समीक्षा केवल कागजों और आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लाभुकों तक पहुंच रहा है या नहीं।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन के एनेक्सी में राज्य स्तरीय DISHA समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केंद्र प्रायोजित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों, लंबित कार्यों और उनके क्रियान्वयन में आ रही तकनीकी एवं प्रशासनिक समस्याओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को लंबित योजनाओं और अधूरे कार्यों को चिह्नित कर निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने, स्वीकृत राशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने तथा विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का निर्देश दिया।
योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना प्राथमिकता
मंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूरा करना या वित्तीय प्रगति दिखाना नहीं है, बल्कि इनके माध्यम से आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने विशेष रूप से उन मामलों पर चिंता जताई, जिनमें योजनाओं के तहत कार्य पूरा होने के बावजूद राशि का निर्गमन लंबित रहता है। मंत्री ने संबंधित विभागों को ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
PMAY से लेकर ग्रामीण सड़क और रोजगार योजनाओं की समीक्षा
बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न लोक-कल्याणकारी और विकासोन्मुखी योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। संबंधित विभागों ने योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति को लेकर विस्तृत पावरपॉइंट प्रस्तुति दी।
इस दौरान प्रमुख रूप से निम्नलिखित योजनाओं की समीक्षा की गई:
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प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY): ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण और लंबित आवासों की स्थिति।
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VB-GRAMG: ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका से जुड़ी योजना के क्रियान्वयन की प्रगति।
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प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY): सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग।
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स्वच्छ भारत मिशन: ग्रामीण स्वच्छता और संबंधित बुनियादी सुविधाओं की स्थिति।
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY): ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क और अधूरे निर्माण कार्य।
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प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY): मत्स्य पालन, रोजगार और आजीविका के अवसरों का विस्तार।
इसके अलावा ग्रामीण आवास, आजीविका, जल संसाधन, बुनियादी ढांचे और मत्स्य पालन से संबंधित अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिया कि निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
जनप्रतिनिधियों ने उठाईं जमीनी समस्याएं
बैठक में समिति के नामित गैर-सरकारी सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के संचालन के दौरान आम जनता को हो रही परेशानियों, तकनीकी बाधाओं और क्षेत्रीय समस्याओं को सामने रखा।
जनप्रतिनिधियों के सुझावों और आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक शिथिलता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी।
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल कार्यालयों में बैठकर समीक्षा न करें, बल्कि क्षेत्र में जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लें और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
दीपिका पांडेय सिंह ने सभी संबंधित विभागों को केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्धारित समयसीमा के अनुरूप होना चाहिए।
मंत्री ने राज्य के समग्र और समावेशी विकास के लिए नई योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त करने की दिशा में भी ठोस पहल करने को कहा। संबंधित विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का निर्देश दिया गया, ताकि झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और आजीविका के अवसरों का विस्तार किया जा सके।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसलिए सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन गंभीरता से करें और योजनाओं को धरातल पर उतारने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
बैठक में सांसद-विधायक समेत कई अधिकारी रहे मौजूद
राज्य स्तरीय DISHA समिति की बैठक में राजमहल सांसद विजय हांसदा, देवघर विधायक सुरेश पासवान, धनबाद विधायक राज सिन्हा, मनोहरपुर विधायक जगत माझी, जमुआ विधायक मंजू कुमारी, ग्रामीण विकास सचिव मनोज कुमार, लोहरदगा संसदीय क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि, समिति के नामित गैर-सरकारी सदस्य और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में ग्रामीण विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने, लंबित कार्यों को पूरा करने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
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