रांची में जेसोवा दिवाली मेला 3 नवंबर तक बढ़ा, देवघर समेत तीन जिलों के पुस्तकालयों को मिलेंगे 15-15 लाख रुपये
रांची: राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित जेसोवा दिवाली मेला 2026 में बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह बरकरार है। झारखंड आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (JIASOWA) की ओर से आयोजित इस मेले का उद्घाटन गुरुवार, 29 अक्टूबर को झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने किया। वहीं, मौसम की स्थिति और बारिश की संभावना को देखते हुए मेले के समापन की तारीख 2 नवंबर से बढ़ाकर 3 नवंबर 2026 कर दी गई है। आयोजकों के अनुसार, यह फैसला मेले में शामिल वेंडर्स को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है।
रांची: राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित जेसोवा दिवाली मेला 2026 में बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह बरकरार है। झारखंड आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (JIASOWA) की ओर से आयोजित इस मेले का उद्घाटन गुरुवार, 29 अक्टूबर को झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने किया। वहीं, मौसम की स्थिति और बारिश की संभावना को देखते हुए मेले के समापन की तारीख 2 नवंबर से बढ़ाकर 3 नवंबर 2026 कर दी गई है। आयोजकों के अनुसार, यह फैसला मेले में शामिल वेंडर्स को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है।
मुख्य सचिव ने जेसोवा के सामाजिक कार्यों की सराहना की
उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने जेसोवा के सामाजिक सरोकारों और जनकल्याणकारी प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दिवाली मेला केवल व्यापार और मुनाफा कमाने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्गों की मदद करना भी है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन शिक्षा को बढ़ावा देने, कला-संस्कृति के संरक्षण और समाज के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जेसोवा की ओर से बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास भी सराहनीय हैं।
मुख्य सचिव ने आयोजकों से मेले का संचालन पारदर्शिता, तत्परता और समर्पण के साथ करने की अपील की। साथ ही स्टॉल संचालकों, कलाकारों और मेले में पहुंचने वाले लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखने पर जोर दिया।
देवघर, चाईबासा और दुमका के पुस्तकालयों को 15-15 लाख रुपये
जेसोवा दिवाली मेला 2026 के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग देने के उद्देश्य से तीन जिलों के पुस्तकालयों के विकास के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
चाईबासा, देवघर और दुमका के पुस्तकालयों के लिए प्रत्येक जिले को 15-15 लाख रुपये की सहयोग राशि दी गई है। इस सहायता का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराना और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करना है।
पुस्तकालयों के विकास से विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर संसाधन मिल सकेंगे। इससे उन्हें अपने ज्ञान और कौशल को विकसित करने के साथ भविष्य में बेहतर अवसर हासिल करने में भी मदद मिल सकती है।
विशेष बच्चों की शिक्षा और रचनात्मकता के लिए भी सहायता
जेसोवा की ओर से विशेष जरूरतों वाले बच्चों की शिक्षा और रचनात्मक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए भी आर्थिक सहायता दी गई।
मूक-बधिर एवं दृष्टिबाधित बच्चों को संगीत की शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से श्रेयशी बनर्जी को 96 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की गई। वहीं, बच्चों में कला और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए आर्ट एंड क्राफ्ट के क्षेत्र में स्वास्तिका बनर्जी को भी 96 हजार रुपये की सहायता दी गई।
इन प्रयासों का उद्देश्य बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है।
सरकारी योजनाओं की जानकारी दे रहा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग
जेसोवा दिवाली मेले में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से भी स्टॉल लगाया गया है। यहां आम लोगों को राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
स्टॉल पर सरकारी योजनाओं से संबंधित पत्र-पत्रिकाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा, योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एलईडी टीवी के माध्यम से शॉर्ट फिल्में और डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जा रही हैं।
इस पहल का उद्देश्य आम लोगों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना और उन्हें उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक करना है।
बारिश के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
मोरहाबादी मैदान में आयोजित दिवाली मेले में बारिश के बावजूद लोगों की आवाजाही और उत्साह देखने को मिल रहा है। मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से आए शिल्पकारों, कारीगरों और कलाकारों को अपनी कला और हुनर प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान सितार और सरोद की जुगलबंदी, सुगम संगीत तथा नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कठपुतली शो भी मेले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा।
मेले के माध्यम से लोगों को विभिन्न क्षेत्रों की कला, संस्कृति और परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है। यह आयोजन सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय और बाहरी कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच भी प्रदान कर रहा है।
अब 3 नवंबर तक चलेगा जेसोवा दिवाली मेला
जेसोवा की अध्यक्ष प्रीति कुमार के अनुसार, मौसम की स्थिति और बारिश की संभावना को देखते हुए मेले के समापन की तारीख में बदलाव किया गया है। पहले मेले का समापन 2 नवंबर को होना था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 3 नवंबर 2026 कर दिया गया है।
इस फैसले का एक प्रमुख उद्देश्य मेले में शामिल वेंडर्स को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाना है। समापन की तारीख बढ़ने से स्टॉल संचालकों और अन्य प्रतिभागियों को अपना कारोबार जारी रखने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
जेसोवा दिवाली मेला खरीदारी, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सामाजिक कल्याण की पहल के लिए भी महत्वपूर्ण बन रहा है। शिक्षा, पुस्तकालयों और विशेष बच्चों के विकास के लिए दी गई आर्थिक सहायता इस आयोजन के सामाजिक उद्देश्य को भी सामने लाती है।
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