प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना को मंजूरी, 5 साल में खर्च होंगे 7,395 करोड़ रुपये; ग्राम पंचायतों को मिलेगी मजबूती

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की प्रक्रिया को मजबूत बनाने और ग्राम पंचायतों को सशक्त करने की दिशा में प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (Pradhan Mantri Viksit Gram Swaraj Yojana) को मंजूरी दी है। यह केंद्र प्रायोजित योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी। योजना के लिए कुल 7,395.55 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य ग्राम पंचायतों को समेकित विकास योजना तैयार करने, डिजिटल व्यवस्था अपनाने और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने में सक्षम बनाना है।

Oct 29, 2026 - 10:14
प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना को मंजूरी, 5 साल में खर्च होंगे 7,395 करोड़ रुपये; ग्राम पंचायतों को मिलेगी मजबूती

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की प्रक्रिया को मजबूत बनाने और ग्राम पंचायतों को सशक्त करने की दिशा में प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (Pradhan Mantri Viksit Gram Swaraj Yojana) को मंजूरी दी है। यह केंद्र प्रायोजित योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी। योजना के लिए कुल 7,395.55 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य ग्राम पंचायतों को समेकित विकास योजना तैयार करने, डिजिटल व्यवस्था अपनाने और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने में सक्षम बनाना है।

ग्राम पंचायतों को बनाया जाएगा विकास का केंद्र

प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों को स्थानीय विकास की प्रभावी इकाई के रूप में मजबूत करना है। इसके तहत गांवों की जरूरतों और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।

योजना में सहभागी विकास योजना को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका मतलब है कि ग्रामीण विकास से जुड़े फैसलों और योजनाओं को तैयार करने की प्रक्रिया में स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे गांवों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करने में मदद मिल सकती है।

पांच वर्षों में 7,395.55 करोड़ रुपये होंगे खर्च

इस योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए मंजूरी दी गई है। इसके लिए कुल 7,395.55 करोड़ रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है।

यह योजना सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करेगी। इसके दायरे में पात्र पारंपरिक ग्रामीण स्थानीय शासन संस्थाएं भी शामिल होंगी। योजना के माध्यम से ग्रामीण स्थानीय निकायों की संस्थागत क्षमता बढ़ाने और विकास कार्यों की योजना बनाने से लेकर उनके क्रियान्वयन तक की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।

हर साल 2.55 लाख से अधिक ग्राम विकास योजनाओं का लक्ष्य

योजना के तहत हर साल 2.55 लाख से अधिक ग्राम विकास योजनाएं तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही प्रतिवर्ष 2.55 लाख से अधिक ऑनलाइन ऑडिट योजनाओं का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।

ग्राम विकास योजनाओं के माध्यम से गांवों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की पहचान और प्राथमिकता तय करने में मदद मिलेगी। वहीं, ऑनलाइन ऑडिट से वित्तीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

इस पहल में डिजिटल तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि योजनाओं की तैयारी, निगरानी और वित्तीय जवाबदेही से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

डिजिटल व्यवस्था और प्रशिक्षण पर रहेगा जोर

प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना के तहत ग्राम पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए डिजिटल एकीकरण और क्षमता निर्माण को महत्वपूर्ण माध्यम बनाया जाएगा।

क्षमता निर्माण के तहत स्थानीय निकायों से जुड़े प्रतिनिधियों और संबंधित कर्मियों को विकास योजनाओं की तैयारी, प्रशासनिक प्रक्रियाओं तथा वित्तीय प्रबंधन में अधिक सक्षम बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।

डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने से पंचायत स्तर पर योजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के संचालन में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, वित्तीय जवाबदेही को बेहतर बनाने के लिए ऑडिट और संबंधित प्रक्रियाओं को भी महत्व दिया जाएगा।

जागरूकता अभियान से एक करोड़ लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य

योजना के तहत प्रत्येक समन्वित जागरूकता अभियान के माध्यम से कम से कम एक करोड़ नागरिकों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

इसका उद्देश्य ग्रामीण विकास, पंचायतों की भूमिका और स्थानीय शासन से जुड़ी योजनाओं के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने से ग्रामीण नागरिकों को विकास योजनाओं और स्थानीय शासन की प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी देने में मदद मिल सकती है।

ग्रामीण शासन व्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस

प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना का फोकस केवल विकास योजनाएं तैयार करने तक सीमित नहीं है। इसके तहत ग्राम पंचायतों की संस्थागत क्षमता, डिजिटल एकीकरण, प्रशिक्षण और वित्तीय पारदर्शिता को भी मजबूत बनाने की योजना है।

कुल मिलाकर, 7,395.55 करोड़ रुपये की यह योजना वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक ग्रामीण स्थानीय शासन व्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से लागू की जाएगी। ग्राम विकास योजनाओं, ऑनलाइन ऑडिट और जन-जागरूकता के निर्धारित लक्ष्यों के जरिए पंचायत स्तर पर विकास नियोजन और जवाबदेही को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।

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