भारत और मेक्सिको के बीच बड़ा व्यापारिक कदम, Preferential Trade Agreement पर बातचीत शुरू; इन 10 सेक्टरों को मिलेगा फायदा
नई दिल्ली: भारत और मेक्सिको ने अपने आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल की है। दोनों देशों ने प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट (Preferential Trade Agreement-PTA) पर बातचीत शुरू करने के लिए Terms of Reference पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही प्रस्तावित व्यापार समझौते पर औपचारिक वार्ता का रास्ता खुल गया है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाना, निवेश के नए अवसर पैदा करना और वैश्विक सप्लाई चेन को अधिक मजबूत एवं विविध बनाना है।
नई दिल्ली: भारत और मेक्सिको ने अपने आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल की है। दोनों देशों ने प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट (Preferential Trade Agreement-PTA) पर बातचीत शुरू करने के लिए Terms of Reference पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही प्रस्तावित व्यापार समझौते पर औपचारिक वार्ता का रास्ता खुल गया है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाना, निवेश के नए अवसर पैदा करना और वैश्विक सप्लाई चेन को अधिक मजबूत एवं विविध बनाना है।
भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की ओर से 28 अक्टूबर 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, इस समझौते के दायरे, बातचीत की प्रक्रिया, प्रमुख विषयों और आगे की कार्ययोजना को Terms of Reference के जरिए निर्धारित किया गया है। हालांकि, अभी समझौते पर बातचीत शुरू हुई है। इसे अंतिम रूप देने और लागू करने के लिए आगे की वार्ता जरूरी होगी।
भारत-मेक्सिको व्यापार समझौते से क्या बदलेगा?
प्रस्तावित PTA का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के कारोबारियों और निर्यातकों के लिए नए अवसर तैयार करना है। इसके जरिए चुनिंदा वस्तुओं के व्यापार में प्राथमिकता के आधार पर बेहतर बाजार पहुंच देने जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी।
समझौते से भारत और मेक्सिको के बीच व्यापारिक संबंधों को नई दिशा मिल सकती है। इससे भारतीय कंपनियों को मेक्सिको के बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने और मेक्सिको की कंपनियों को भारतीय बाजार में कारोबार के अवसर तलाशने में मदद मिल सकती है।
दोनों देश निवेश बढ़ाने, उद्योगों के बीच सहयोग मजबूत करने और वैश्विक मूल्य शृंखलाओं से जुड़े अवसरों का लाभ उठाने पर भी जोर दे रहे हैं।
किन क्षेत्रों पर होगी बातचीत?
भारत और मेक्सिको के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते में कई महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं। इनमें वस्तुओं के बाजार तक पहुंच, उत्पादों की उत्पत्ति से जुड़े नियम, सीमा शुल्क प्रक्रिया और व्यापार को आसान बनाने के उपाय शामिल हैं।
इसके अलावा विवाद निपटारा, सैनिटरी एवं फाइटोसैनिटरी उपाय, तकनीकी व्यापार बाधाएं और व्यापारिक उपचार जैसे मुद्दों पर भी बातचीत होगी। इन प्रावधानों का उद्देश्य व्यापार से जुड़े नियमों को स्पष्ट करना और दोनों देशों के कारोबारियों के सामने आने वाली प्रक्रियागत बाधाओं को कम करने के विकल्प तलाशना है।
ऑटोमोबाइल से फार्मा तक इन सेक्टरों में अवसर
भारत और मेक्सिको की अर्थव्यवस्थाओं में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां दोनों देश एक-दूसरे के साथ सहयोग बढ़ा सकते हैं। PIB के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते के तहत जिन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण संभावनाएं देखी जा रही हैं, उनमें शामिल हैं:
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ऑटोमोबाइल: वाहन और ऑटो पार्ट्स के कारोबार में अवसर।
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रसायन: केमिकल उत्पादों के व्यापार और औद्योगिक सहयोग की संभावना।
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इलेक्ट्रॉनिक्स: इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और विनिर्माण क्षेत्र में साझेदारी।
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फार्मास्यूटिकल्स: दवाओं और स्वास्थ्य संबंधी उत्पादों के क्षेत्र में कारोबार।
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कृषि एवं खाद्य उत्पाद: कृषि और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े व्यापारिक अवसर।
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ऊर्जा: ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं।
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महत्वपूर्ण खनिज: जरूरी खनिजों की आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के अवसर।
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मेडिकल डिवाइस: चिकित्सा उपकरणों के कारोबार में विस्तार।
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एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग: आधुनिक विनिर्माण तकनीकों में सहयोग।
इन क्षेत्रों में वास्तविक लाभ समझौते की अंतिम शर्तों, बाजार पहुंच और संबंधित नियमों पर निर्भर करेगा।
पीएम मोदी और मेक्सिको की राष्ट्रपति के बीच बनी थी सहमति
भारत और मेक्सिको के बीच व्यापारिक सहयोग बढ़ाने की यह पहल जून 2025 में कनाडा में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम के बीच हुई बैठक में बनी सहमति के बाद आगे बढ़ी।
उस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-मेक्सिको साझेदारी को और मजबूत करने तथा द्विपक्षीय संबंधों को गहरा बनाने पर सहमति जताई थी। अब PTA वार्ता शुरू करने के लिए Terms of Reference पर हस्ताक्षर को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दोनों देशों के अधिकारियों के बीच हुई चर्चा
भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल की यात्रा के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार विस्तार और निवेश के अवसरों पर चर्चा की। मेक्सिको की ओर से विदेश व्यापार के अवर सचिव लुइस रोसेंदो गुटिएरेज रोमानो ने वार्ता में हिस्सा लिया। उन्होंने अर्थव्यवस्था सचिव मार्सेलो एब्रार्ड कासाउबोन की ओर से प्रतिनिधित्व किया।
बैठक में दोनों देशों के कारोबारी क्षेत्रों के बीच सहयोग बढ़ाने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया।
2027 की शुरुआत में भारत आ सकता है मेक्सिको का कारोबारी प्रतिनिधिमंडल
दोनों देशों ने 2027 की पहली तिमाही में मेक्सिको के एक कारोबारी प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा आयोजित करने की संभावना पर भी चर्चा की है। प्रस्तावित यात्रा के दौरान दोनों देशों की कंपनियों के बीच बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकें कराई जा सकती हैं।
इन बैठकों के जरिए कारोबारी अवसरों की पहचान करने, संभावित साझेदारियां विकसित करने और भारतीय तथा मेक्सिकन उद्योगों के बीच संपर्क बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह यात्रा फिलहाल प्रस्तावित है।
भारत के निर्यातकों के लिए क्यों अहम है यह पहल?
मेक्सिको वैश्विक मूल्य शृंखलाओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बाजार है। ऐसे में भारत के लिए इस देश के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करना निर्यातकों और निवेशकों के लिए नए अवसर तलाशने का माध्यम बन सकता है।
प्रस्तावित PTA पर होने वाली बातचीत से बाजार पहुंच, सीमा शुल्क, उत्पाद मानकों और व्यापारिक प्रक्रियाओं जैसे मुद्दों पर स्पष्टता आने की उम्मीद है। हालांकि, अंतिम समझौते में किन उत्पादों को कितनी प्राथमिकता मिलेगी और व्यापार की शर्तें क्या होंगी, यह आगे की वार्ता से तय होगा।
निष्कर्ष: भारत और मेक्सिको ने PTA पर औपचारिक बातचीत शुरू कर व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब दोनों देशों के बीच होने वाली आगामी वार्ताओं और प्रस्तावित कारोबारी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा पर नजर रहेगी।
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