₹28,000 करोड़ के साइबर फ्रॉड नेटवर्क में ED की बड़ी कार्रवाई, मुंबई एयरपोर्ट से अधिवक्ता रशेष शाह गिरफ्तार

नई दिल्ली/मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धन शोधन से जुड़े एक बड़े मामले में मुंबई के अधिवक्ता रशेष भरतकुमार उपाध्याय उर्फ रशेष शाह को गिरफ्तार किया है। ईडी, पणजी की टीम ने उन्हें 24 अक्टूबर 2026 को मुंबई हवाई अड्डे से उस समय गिरफ्तार किया, जब कथित तौर पर वह फरार होने का प्रयास कर रहे थे। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।

Oct 27, 2026 - 13:49
₹28,000 करोड़ के साइबर फ्रॉड नेटवर्क में ED की बड़ी कार्रवाई, मुंबई एयरपोर्ट से अधिवक्ता रशेष शाह गिरफ्तार

नई दिल्ली/मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धन शोधन से जुड़े एक बड़े मामले में मुंबई के अधिवक्ता रशेष भरतकुमार उपाध्याय उर्फ रशेष शाह को गिरफ्तार किया है। ईडी, पणजी की टीम ने उन्हें 24 अक्टूबर 2026 को मुंबई हवाई अड्डे से उस समय गिरफ्तार किया, जब कथित तौर पर वह फरार होने का प्रयास कर रहे थे। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।

रिश्वत के जरिए बैंक खाते अनफ्रीज कराने का आरोप

जांच एजेंसी के अनुसार, रशेष शाह पर बिचौलियों के माध्यम से नकद रिश्वत की व्यवस्था कर लगभग 100 बैंक खातों को अनफ्रीज करवाने में मदद करने का आरोप है। एजेंसी का दावा है कि इन खातों के दोबारा चालू होने से कथित धन शोधन नेटवर्क का संचालन जारी रखने में सहायता मिली।

हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है। गिरफ्तारी अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है।

₹28,000 करोड़ के लेन-देन वाले नेटवर्क की जांच

ईडी की जांच में लगभग 28,000 करोड़ रुपये के बैंकिंग लेन-देन वाले नेटवर्क का मामला सामने आया है। इस नेटवर्क के संबंध में 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी 300 से अधिक शिकायतें और 160 से अधिक प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने में जुटी है कि कथित साइबर धोखाधड़ी से हासिल धन को किन बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित किया गया और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।

मामले में सातवीं गिरफ्तारी

रशेष शाह की गिरफ्तारी इस मामले में सातवीं गिरफ्तारी बताई गई है। इससे संकेत मिलता है कि जांच एजेंसी कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों की भी पड़ताल कर रही है।

अब जांच के दौरान बैंक खातों को अनफ्रीज कराने की कथित प्रक्रिया, नकद रिश्वत के आरोपों और विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामलों के बीच संबंधों पर विशेष ध्यान रहने की संभावना है।

ईडी की आगे की जांच से इस कथित नेटवर्क के संचालन, धन के प्रवाह और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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