बिहार में EOU की बड़ी कार्रवाई: केसरिया की मुख्य पार्षद और उनके पति के 5 ठिकानों पर छापेमारी, आय से 124.81% अधिक संपत्ति का आरोप

बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने पूर्वी चंपारण के केसरिया नगर पंचायत की मुख्य पार्षद किरण देवी और उनके पति व वार्ड पार्षद रजनीश कुमार पाठक उर्फ रिंकू पाठक के पांच ठिकानों पर छापेमारी की है। आय से लगभग 3.56 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का प्रथमदृष्टया साक्ष्य मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच जारी है।

Oct 27, 2026 - 11:01
बिहार में EOU की बड़ी कार्रवाई: केसरिया की मुख्य पार्षद और उनके पति के 5 ठिकानों पर छापेमारी, आय से 124.81% अधिक संपत्ति का आरोप

आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, रजनीश कुमार पाठक के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के प्रथमदृष्टया साक्ष्य मिलने के बाद आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 29/26 दर्ज किया गया है। मामले में उनकी पत्नी किरण देवी भी जांच के दायरे में हैं। किरण देवी केसरिया नगर पंचायत की मुख्य पार्षद हैं, जबकि रजनीश कुमार पाठक वार्ड पार्षद हैं।

विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के बाद दर्ज हुआ मामला

आर्थिक अपराध प्रभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर दोनों के खिलाफ जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में ज्ञात आय के वैध स्रोतों की तुलना में अधिक संपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

तलाशी अभियान के लिए पटना स्थित विशेष निगरानी न्यायालय से वारंट प्राप्त किया गया है। इसके बाद आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने मंगलवार को एक साथ अलग-अलग स्थानों पर तलाशी की कार्रवाई शुरू की।

पांच ठिकानों पर चल रही तलाशी

आर्थिक अपराध इकाई की टीम केसरिया और पटना में कुल पांच ठिकानों पर तलाशी कर रही है। इनमें पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया थाना क्षेत्र के चैनपुर स्थित पैतृक आवास, केसरिया बाजार में पेट्रोल पंप के पास स्थित निजी आवास, युवराज गैस एजेंसी का कार्यालय और गोदाम तथा केसरिया नगर पंचायत के सरकारी भवन में स्थित मुख्य पार्षद का कार्यालय शामिल हैं।

इसके अलावा पटना जिले के दानापुर थाना क्षेत्र के बालाजी नगर स्थित पार्क वेस्ट अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर बी-101 में भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

इस कार्रवाई का उद्देश्य संबंधित परिसरों में संपत्ति, वित्तीय लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य दस्तावेजों की जांच करना है। हालांकि, तलाशी के दौरान अब तक क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है।

3.56 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का आरोप

आर्थिक अपराध प्रभाग की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रारंभिक जांच में दोनों से संबंधित ज्ञात आय के वैध स्रोतों से लगभग 3 करोड़ 56 लाख 65 हजार 118 रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का प्रथमदृष्टया साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। यह राशि ज्ञात आय से लगभग 124.81 प्रतिशत अधिक बताई गई है।

यह आरोप जांच के प्रारंभिक निष्कर्षों पर आधारित है। मामले में संपत्ति के स्रोत, आय और व्यय से संबंधित तथ्यों की जांच की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में कार्रवाई

इस पूरे तलाशी अभियान का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। कार्रवाई में विशेष टास्क फोर्स की भी मदद ली जा रही है। टीम अलग-अलग ठिकानों पर दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

आर्थिक अपराध प्रभाग ने कहा है कि तलाशी अभियान पूरा होने के बाद मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज और साक्ष्य सामने आते हैं और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।

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