मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित, जगजीवन कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग की पहल, विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
मनोविज्ञान विभाग की ओर से मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता माह के अंतर्गत विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
गयाजी। जगजीवन कॉलेज, गया के मनोविज्ञान विभाग की ओर से मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता माह के अंतर्गत विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, उनके कारण, उपचार, देखभाल, अधिनियम और अधिकारों से जुड़े प्रश्न पूछे गए। साथ ही वर्ष 2026 के विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम ‘जीए गए अनुभवों की आवाज सुनी जाए : वास्तविक आवाजें, वास्तविक बदलाव’ से संबंधित प्रश्न भी शामिल किए गए। प्रतियोगिता में कृतज्ञता, विश्वास, आशा, कल्याण, लचीलापन, क्षमा, साहस और करुणा समूह ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विश्वास समूह के आकाश कुमार, एमए तृतीय सेमेस्टर और शोभा कुमारी, बीए सप्तम सेमेस्टर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कृतज्ञता समूह के अभिनव कुमार, एमए तृतीय सेमेस्टर और स्वीटी कुमारी, बीए सप्तम सेमेस्टर ने द्वितीय स्थान हासिल किया। वहीं साहस समूह के मणिशंकर पाठक और लक्ष्मी कुमारी, एमए तृतीय सेमेस्टर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन मनोविज्ञान विभाग की वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ. अनुरानी तथा सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन ने किया। इस अवसर पर दर्शनशास्त्र विभाग की सहायक प्राध्यापक एवं जेजेसीटीए की सचिव डॉ. संगीता कुमारी तथा हिंदी विभाग के वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ. शिव कुमार रविदास उपस्थित रहे। दोनों शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने में उनकी सक्रिय भागीदारी की सराहना की। प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मो. ऐयुव ने प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को तनाव, चिंता और अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर खुलकर संवाद करने, आवश्यकता पड़ने पर उचित सहायता लेने और आसपास के लोगों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश दिया। मनोविज्ञान विभाग की यह पहल विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
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