रामविलास पासवान की जयंती पर अब होगा राजकीय समारोह, चिराग पासवान ने जताया आभार

बिहार सरकार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और पद्म भूषण स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती को हर वर्ष राजकीय समारोह के रूप में मनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 8 अक्टूबर को रामविलास पासवान की पुण्यतिथि के अवसर पर इस निर्णय की घोषणा की। रामविलास पासवान की जयंती हर साल 5 जुलाई को मनाई जाती है और अगले वर्ष से इसे राजकीय समारोह के रूप में आयोजित किया जाएगा।

Oct 8, 2026 - 16:16
Oct 8, 2026 - 16:19
रामविलास पासवान की जयंती पर अब होगा राजकीय समारोह, चिराग पासवान ने जताया आभार

बिहार सरकार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और पद्म भूषण स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती को हर वर्ष राजकीय समारोह के रूप में मनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 8 अक्टूबर को रामविलास पासवान की पुण्यतिथि के अवसर पर इस निर्णय की घोषणा की। रामविलास पासवान की जयंती हर साल 5 जुलाई को मनाई जाती है और अगले वर्ष से इसे राजकीय समारोह के रूप में आयोजित किया जाएगा।

सरकार के इस फैसले पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने खुशी जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा नेता नितिन नवीन के प्रति आभार व्यक्त किया।

चिराग पासवान ने सोशल मीडिया के जरिए फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के साथ-साथ उन करोड़ों लोगों के लिए भी भावुक और गर्व का क्षण है, जिनके अधिकार और सम्मान के लिए उनके पिता रामविलास पासवान ने लंबे समय तक आवाज उठाई।

चिराग ने रामविलास पासवान के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन सामाजिक न्याय, वंचितों और जरूरतमंदों की आवाज को मजबूती देने तथा राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित रहा। बिहार की धरती से निकलकर उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के अधिकार, सम्मान और अवसर के लिए लगातार काम किया।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी रामविलास पासवान के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। सामाजिक न्याय और वंचितों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष हमेशा स्मरणीय रहेगा।

चिराग पासवान ने कहा कि उनके पिता भले ही आज शारीरिक रूप से उनके बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी विरासत, विचार और मूल्य हमेशा लोगों के बीच जीवित रहेंगे। उन्होंने रामविलास पासवान के अधूरे सपनों और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया।

अब हर वर्ष 5 जुलाई को रामविलास पासवान की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी। बिहार सरकार के इस फैसले को उनके सार्वजनिक जीवन और राज्य के लिए उनके योगदान के सम्मान के तौर पर देखा जा रहा है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0