पटना में संपत्ति मालिकों पर निगम की सख्ती, 31 दिसंबर तक कर निर्धारण जरूरी; जनवरी से लगेगा 100% जुर्माना
पटना नगर निगम ने संपत्ति कर को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। 31 दिसंबर 2026 तक कर निर्धारण नहीं कराने वाले संपत्ति मालिकों पर जनवरी 2027 से 100% जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, बकाया कर पर 1.5% मासिक पेनाल्टी लागू है। निगम ने विशेष शिविरों के जरिए कर निर्धारण और वसूली की प्रक्रिया तेज कर दी है।
पटना। पटना नगर निगम ने संपत्ति कर के दायरे से बाहर रहने वाले संपत्ति मालिकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। निगम ने स्पष्ट किया है कि 31 दिसंबर 2026 तक संपत्ति का कर निर्धारण नहीं कराने वालों पर जनवरी 2027 से 100 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, बकाया संपत्ति कर पर अक्टूबर 2026 से 1.5 प्रतिशत मासिक पेनाल्टी भी लागू कर दी गई है।
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने सभी अंचलों को 31 दिसंबर तक वार्डवार विशेष कर निर्धारण शिविर लगाने का निर्देश दिया है। इन शिविरों में नया कर निर्धारण, कर पुनर्निर्धारण, कर संबंधी संशोधन और बकाया संपत्ति कर का भुगतान कराया जा सकेगा। नागरिक अपने नजदीकी किसी भी शिविर में पहुंचकर इन सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।
पहले चरण में पाटलिपुत्र और नूतन राजधानी अंचल में विशेष शिविर लगाए गए हैं। शुरुआती दो दिनों में 60 से अधिक संपत्तियों का नया कर निर्धारण किया गया। वहीं, 16 संपत्तियों में कर संशोधन और छह संपत्तियों में पुनर्निर्धारण हुआ। शिविरों के जरिए 211 संपत्तियों से करीब 14 लाख रुपये संपत्ति कर की वसूली भी की गई।
नगर निगम के डोर-टू-डोर सर्वेक्षण के दौरान बड़ी संख्या में ऐसी संपत्तियां सामने आई हैं, जो अब तक संपत्ति कर के दायरे में नहीं थीं। निगम अब इन संपत्तियों को कर व्यवस्था में शामिल करने की प्रक्रिया तेज कर रहा है।
निगम के मुताबिक, निर्धारित समय सीमा के भीतर कर निर्धारण नहीं कराने पर बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें कुर्की-जब्ती, बैंक खाता फ्रीज करने, संपत्ति बिक्री और गिरफ्तारी वारंट जैसी कार्रवाई का प्रावधान है।
नगर निगम ने संपत्ति मालिकों से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और समय रहते अपनी संपत्ति का कर निर्धारण कराएं, ताकि अतिरिक्त जुर्माने और कार्रवाई से बचा जा सके।
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