एशियाई खेल 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन, 21 गोल्ड समेत 85 पदक; LA 2028 की तैयारी को मिली नई रफ्तार

नई दिल्ली: जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेल 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 85 पदक जीते, जिसमें 21 स्वर्ण पदक शामिल हैं। 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चले इन खेलों में भारत ने कई पारंपरिक और उभरते खेलों में दमदार प्रदर्शन किया।

Oct 6, 2026 - 20:37
एशियाई खेल 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन, 21 गोल्ड समेत 85 पदक; LA 2028 की तैयारी को मिली नई रफ्तार

नई दिल्ली: जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेल 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 85 पदक जीते, जिसमें 21 स्वर्ण पदक शामिल हैं। 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चले इन खेलों में भारत ने कई पारंपरिक और उभरते खेलों में दमदार प्रदर्शन किया।

एशियाई खेल 2026 में 43 खेलों और 71 विधाओं में मुकाबले हुए। इस दौरान कुल 469 स्पर्धाओं में 1,407 पदक दांव पर थे। भारत ने 36 खेल स्पर्धाओं में 501 खिलाड़ियों का दल उतारा, जिसमें 300 से अधिक खिलाड़ी पहली बार एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहे थे।

तीरंदाजी ने दिलाए सबसे ज्यादा स्वर्ण

भारत के 21 स्वर्ण पदकों में तीरंदाजी का सबसे अहम योगदान रहा। तीरंदाजी ने भारत को 5 स्वर्ण पदक दिलाए, जबकि शूटिंग और बॉक्सिंग में भारत ने 3-3 स्वर्ण जीते।

टीम खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में भारत ने कुल 6 स्वर्ण पदक हासिल किए। पुरुष क्रिकेट टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर अपना महाद्वीपीय खिताब बरकरार रखा। पुरुष और महिला दोनों कबड्डी टीमों ने भी स्वर्ण पदक जीते।

कुश्ती में भारत को 2, जबकि एथलेटिक्स और गोल्फ में 1-1 स्वर्ण पदक मिला।

नई दिल्ली से आइची-नागोया तक भारत का सफर

एशियाई खेलों से भारत का रिश्ता बेहद पुराना है। पहला एशियाई खेल 1951 में नई दिल्ली में आयोजित हुआ था। भारत ने एशियाई खेलों की शुरुआत में ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। प्रो. जी.डी. सोंधी ने एशियाई देशों को एक मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण विचार रखा था।

1951 के पहले आयोजन में 11 देशों के 489 खिलाड़ियों ने छह खेलों में हिस्सा लिया था। भारत पदक तालिका में जापान के बाद दूसरे स्थान पर रहा था।

भारत के लिए सबसे बड़ा बहु-खेल दल

आइची-नागोया 2026 में भारत ने अपने अब तक के सबसे बड़े बहु-खेल दलों में से एक को उतारा। 501 खिलाड़ियों के दल में 300 से अधिक खिलाड़ी एशियाई खेलों में पदार्पण करने वाले थे।

8 सितंबर को नई दिल्ली में भारतीय दल के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया था। उद्घाटन समारोह में ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और कबड्डी खिलाड़ी पवन सेहरावत ने भारत की परेड का नेतृत्व किया।

एशियाई पैरा खेलों की भी तैयारी

एशियाई खेलों के बाद जापान में 18 से 24 अक्टूबर 2026 तक आइची-नागोया एशियाई पैरा खेलों का आयोजन होना है। इसमें करीब 3,000 खिलाड़ियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। भारत इन खेलों में अपनी पांचवीं भागीदारी दर्ज करेगा।

हांग्जो 2022 एशियाई पैरा खेलों में भारत ने 29 स्वर्ण सहित 111 पदक जीते थे।

खेलो इंडिया से तैयार हो रही नई प्रतिभा

भारत की खेल नीति में जमीनी स्तर से प्रतिभाओं को तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की खेलो इंडिया पहल के तहत जुलाई 2026 तक 1,067 खेलो इंडिया केंद्र स्थापित किए जा चुके थे। वहीं 349 नई खेल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

खेलो इंडिया के जरिए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, उपकरण, चिकित्सा सुविधा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं KIRTI योजना के तहत 9 से 18 वर्ष के बच्चों में खेल प्रतिभा की पहचान और उन्हें आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

नजर अब लॉस एंजिल्स 2028 पर

आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारत का 85 पदकों का प्रदर्शन देश की आगामी ओलंपिक तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव हासिल करने से भारत की बेंच स्ट्रेंथ मजबूत होने की उम्मीद है।

अब भारतीय खेल जगत की नजर लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक और इसके आगे 2036 तक भारत को वैश्विक खेल शक्ति के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य पर है।

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