बिहार में एक करोड़ परिवार बनेंगे उद्यमी, ‘मेड इन बिहार’ को सरकारी खरीद में प्राथमिकता

बिहार में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2030 तक राज्य के एक करोड़ परिवारों को उद्यमी परिवार बनाने का संकल्प दोहराया है। पटना के बापू सभागार में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चयनित लाभुकों के उन्मुखीकरण और प्रथम किस्त वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

Oct 8, 2026 - 15:31
बिहार में एक करोड़ परिवार बनेंगे उद्यमी, ‘मेड इन बिहार’ को सरकारी खरीद में प्राथमिकता

बिहार में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2030 तक राज्य के एक करोड़ परिवारों को उद्यमी परिवार बनाने का संकल्प दोहराया है। पटना के बापू सभागार में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चयनित लाभुकों के उन्मुखीकरण और प्रथम किस्त वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में बनने वाले उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार के पर्चेस प्रेफरेंस एक्ट के तहत ‘मेड इन बिहार’ उत्पादों को सरकारी खरीद में 25 से 40 प्रतिशत तक हिस्सेदारी देने की व्यवस्था की गई है।

सरकार ने 50 करोड़ रुपये तक के टेंडर में भी स्थानीय उद्यमियों को लाभ देने का फैसला किया है। यदि कोई बिहारी उद्यमी L2, L3 या L4 पर है और L1 की दर पर काम करने को तैयार है, तो उसे काम दिए जाने का प्रावधान किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान सात हजार से अधिक लाभुकों के खातों में पहली या अगली किस्त की राशि अंतरित की गई। सरकार करीब 45 हजार नए उद्यमियों को तैयार कर रही है। प्रत्येक उद्यमी को 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जा रही है, जिसमें पांच लाख रुपये अनुदान और पांच लाख रुपये ऋण शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमिता के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन रोकने में मदद मिलेगी। सरकार के अनुमान के अनुसार, करीब 44 हजार उद्यमी यदि औसतन पांच-पांच लोगों को रोजगार देते हैं, तो लगभग ढाई लाख रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।

कार्यक्रम में बिहार MSME नीति-2026 और मुख्यमंत्री क्लस्टर विकास योजना-2026 का भी लोकार्पण किया गया। सरकार का जोर स्थानीय उत्पादों और उद्यमियों को बढ़ावा देने के साथ ‘मेक इन बिहार’ को नई पहचान देने पर है। इसके जरिए राज्य में उद्योगों के विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

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