डेढ़ महीने से लापता 15 वर्षीय छात्र की तलाश में बड़ा सुराग, वृंदाहा वॉटरफॉल में मिला मानव कंकाल
कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले में स्थित प्रसिद्ध वृंदाहा वॉटरफॉल से सोमवार, 26 अक्टूबर को मानव कंकाल बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस और जिला प्रशासन की टीम ने लापता छात्र की तलाश के लिए चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान यह बरामदगी की। आशंका जताई जा रही है कि कंकाल 9 सितंबर को वॉटरफॉल के गहरे कुंड में डूबे बिहार के जहानाबाद निवासी 15 वर्षीय छात्र सागर कुमार का हो सकता है। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कंकाल की पहचान के लिए फॉरेंसिक और DNA जांच कराई जा रही है।
कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले में स्थित प्रसिद्ध वृंदाहा वॉटरफॉल से सोमवार, 26 अक्टूबर को मानव कंकाल बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस और जिला प्रशासन की टीम ने लापता छात्र की तलाश के लिए चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान यह बरामदगी की। आशंका जताई जा रही है कि कंकाल 9 सितंबर को वॉटरफॉल के गहरे कुंड में डूबे बिहार के जहानाबाद निवासी 15 वर्षीय छात्र सागर कुमार का हो सकता है। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कंकाल की पहचान के लिए फॉरेंसिक और DNA जांच कराई जा रही है।
पोकलेन मशीन से हटाया गया पत्थर और मलबा
जानकारी के अनुसार, सोमवार को तिलैया पुलिस और जिला प्रशासन की टीम पोकलेन मशीन लेकर वृंदाहा वॉटरफॉल पहुंची। यहां पानी के कुंड में छात्र की तलाश के लिए अभियान चलाया गया। करीब चार घंटे तक मशीन की मदद से पानी में जमा पत्थर और मलबा हटाया गया।
सर्च ऑपरेशन के दौरान मानव कंकाल के अवशेष मिलने लगे। सबसे पहले खोपड़ी और उसके बाद शरीर की अन्य हड्डियां बरामद की गईं। कंकाल मिलने की खबर फैलते ही घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई।
9 सितंबर को नहाने के दौरान डूबा था छात्र
बताया जाता है कि बिहार के जहानाबाद जिले के हुलासगंज निवासी 15 वर्षीय सागर कुमार 9 सितंबर को अपने कोचिंग संचालक के साथ शैक्षणिक भ्रमण पर वृंदाहा वॉटरफॉल आया था। इसी दौरान नहाते समय पैर फिसलने से वह गहरे कुंड में डूब गया।
घटना के बाद छात्र की तलाश शुरू की गई। स्थानीय गोताखोरों के अलावा पटना से NDRF की टीम और हजारीबाग जिले के चौपारण से गोताखोरों को भी बुलाया गया था। कई दिनों तक तलाश अभियान चलने के बावजूद छात्र का पता नहीं चल सका।
लगातार बारिश, तेज बहाव और कुंड में जमा पत्थर एवं मलबे के कारण बचाव दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसके बाद भी छात्र के परिजन उसकी तलाश की उम्मीद लगाए हुए थे।
DNA जांच के बाद होगी कंकाल की पहचान
करीब डेढ़ महीने बाद कंकाल मिलने से मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, बरामद अवशेष सागर कुमार के ही हैं या किसी अन्य व्यक्ति के, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
पुलिस ने कंकाल को अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक और DNA जांच के लिए भेज दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मृतक की पहचान को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल, छात्र के परिवार को जांच रिपोर्ट का इंतजार है। इस बरामदगी ने डेढ़ महीने से लापता छात्र की तलाश से जुड़े मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
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