एसएसबी उप-महानिरीक्षक ने 84 एनसीसी कैडेट्स को दिया राष्ट्रसेवा का मंत्र, सीमा सुरक्षा और करियर निर्माण पर किया मार्गदर्शन

सोनपथरी सीमा चौकी के भ्रमण के दौरान सशस्त्र सीमा बल की भूमिका, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सीएपीएफ में करियर के अवसरों से कराया अवगत

Oct 26, 2026 - 19:40
एसएसबी उप-महानिरीक्षक ने 84 एनसीसी कैडेट्स को दिया राष्ट्रसेवा का मंत्र, सीमा सुरक्षा और करियर निर्माण पर किया मार्गदर्शन

भिनगा | 26 अक्टूबर 2026। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के उप-महानिरीक्षक श्री वी. विक्रमण एवं 62वीं वाहिनी के कमांडेंट श्री अमरेन्द्र कुमार वरुण ने सोमवार को सीमा चौकी सोनपथरी का भ्रमण करने पहुंचे एनसीसी कैडेट्स को सीमा सुरक्षा, राष्ट्रसेवा, अनुशासन और करियर निर्माण के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी देकर प्रेरित किया। इस दौरान अधिकारियों ने कैडेट्स को राष्ट्र के प्रति समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और नेतृत्व क्षमता जैसे गुणों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया। , 25 अक्टूबर 2026 को एसएसबी क्षेत्रक मुख्यालय लखीमपुर-खीरी के उप-महानिरीक्षक श्री वी. विक्रमण एवं 62वीं वाहिनी, भिनगा के कमांडेंट श्री अमरेन्द्र कुमार वरुण ने वाहिनी के अंतर्गत सीमा चौकी सोनपथरी का आधिकारिक भ्रमण किया और रात्रि विश्राम किया। इसी क्रम में 26 अक्टूबर को 51वीं उत्तर प्रदेश बटालियन एनसीसी, बलरामपुर के तत्वावधान में आयोजित ‘ऑल इंडिया यूपी ट्रेक-II’ कार्यक्रम के तहत 2nd जम्मू-कश्मीर बटालियन एनसीसी, जम्मू के 84 कैडेट्स ने सोनपथरी सीमा चौकी का शैक्षणिक भ्रमण किया। कैडेट्स का नेतृत्व एनसीसी अधिकारी श्री अनिल कुमार शर्मा, श्री संदीप केरी एवं श्री राजेश्वर सिंह तथा हवलदार ज्ञान बहादुर और हवलदार रजनीश सिंह ने किया। इस अवसर पर उप-महानिरीक्षक श्री वी. विक्रमण और कमांडेंट श्री अमरेन्द्र कुमार वरुण ने एनसीसी अधिकारियों एवं कैडेट्स को संबोधित करते हुए सशस्त्र सीमा बल के गौरवशाली इतिहास, इसकी कर्तव्यनिष्ठ परंपराओं तथा भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में बल की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की जिम्मेदारियों और चुनौतियों से भी कैडेट्स को अवगत कराया। साथ ही, सुहेलवा वन्यजीव क्षेत्र एवं सोनपथरी के भौगोलिक, प्राकृतिक और पर्यावरणीय महत्व की जानकारी देकर प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रसेवा केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समर्पण, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता से जुड़ा संकल्प है। उन्होंने कैडेट्स को साहस, नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को भर्ती प्रक्रिया, आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, शारीरिक दक्षता और नियमित अभ्यास के महत्व के बारे में उपयोगी मार्गदर्शन दिया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य एनसीसी कैडेट्स में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना तथा उन्हें भविष्य में राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करना था। भ्रमण के दौरान कैडेट्स ने सीमा सुरक्षा बलों की कार्यप्रणाली, सीमावर्ती क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और क्षेत्र की प्राकृतिक विशेषताओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। यह शैक्षणिक एवं प्रेरणादायी भ्रमण कैडेट्स के लिए यादगार अनुभव साबित हुआ। अधिकारियों के मार्गदर्शन से कैडेट्स को न केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात जवानों के दायित्वों को समझने का अवसर मिला, बल्कि भविष्य में सुरक्षा बलों में शामिल होकर देशसेवा करने की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिली।

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