गुमला में हाथियों के झुंड का तांडव, 45 वर्षीय व्यक्ति की दर्दनाक मौत; वन विभाग ने दी सहायता राशि
गुमला: झारखंड के गुमला जिले में जंगली हाथियों के हमले में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। कामडारा थाना क्षेत्र के बुरु हातु गांव में सोमवार अहले सुबह करीब 3 बजे 23 जंगली हाथियों का झुंड पहुंच गया। हाथियों को गांव से दूर भगाने के दौरान 45 वर्षीय निकोलस टोपनो उनके चपेट में आ गए। हाथियों ने उन्हें सूंड से उठाकर पटक दिया और पैरों से कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
गुमला: झारखंड के गुमला जिले में जंगली हाथियों के हमले में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। कामडारा थाना क्षेत्र के बुरु हातु गांव में सोमवार अहले सुबह करीब 3 बजे 23 जंगली हाथियों का झुंड पहुंच गया। हाथियों को गांव से दूर भगाने के दौरान 45 वर्षीय निकोलस टोपनो उनके चपेट में आ गए। हाथियों ने उन्हें सूंड से उठाकर पटक दिया और पैरों से कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद गांव की ओर बढ़ा हाथियों का झुंड
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में विचरण कर रहा 23 हाथियों का झुंड रात के समय बुरु हातु गांव पहुंचा था। हाथियों ने सबसे पहले खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद वे गांव की ओर बढ़ने लगे। हाथियों के गांव में प्रवेश करने की आशंका से ग्रामीण चिंतित हो गए और उन्हें भगाने के लिए एकजुट होकर प्रयास करने लगे।
ग्रामीण मशाल, पटाखे और टॉर्च लेकर हाथियों को खदेड़ने निकले थे। इसी दौरान निकोलस टोपनो भी ग्रामीणों के साथ हाथियों को भगाने में जुटे थे।
हाथियों के झुंड ने घेरकर किया हमला
बताया जा रहा है कि हाथियों को भगाने के दौरान निकोलस टोपनो झुंड के काफी नजदीक पहुंच गए। झुंड में चार शावक भी शामिल थे। इसी बीच हाथी आक्रामक हो गए और उन्होंने निकोलस को घेर लिया। हाथियों ने उन्हें सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया और फिर पैरों से कुचल दिया।
इस हमले में निकोलस की मौके पर ही मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि उनका शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। बाद में ग्रामीणों ने किसी तरह हाथियों के झुंड को जंगल की ओर खदेड़ा।
वन विभाग ने तत्काल दी एक लाख रुपये की सहायता
घटना की सूचना मिलने के बाद सोमवार सुबह करीब 9 बजे बसिया अनुमंडल के वनपाल शेखर सिंह अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली।
वन विभाग की ओर से तत्काल राहत के तौर पर परिजनों को 20 हजार रुपये नकद और 80 हजार रुपये का चेक दिया गया। इस तरह परिवार को तत्काल एक लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई।
वनपाल शेखर सिंह ने बताया कि नियमानुसार मृतक के परिजनों को कुल 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना के बाद कामडारा पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। इस घटना से मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, क्षेत्र में हाथियों के झुंड की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय बना हुआ है।
सावधानी जरूरी: जंगली हाथियों को भगाने के लिए उनके नजदीक जाना या उन्हें घेरने की कोशिश करना जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और वन विभाग को तत्काल सूचना देनी चाहिए।
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