पलामू MMCH में अमानवीय तस्वीर! नवजात का शव मुंह में दबाकर घूमता दिखा आवारा कुत्ता, अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल

पलामू: झारखंड के पलामू जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (MMCH) परिसर में मंगलवार सुबह करीब 10 बजे एक आवारा कुत्ता नवजात शिशु का शव मुंह में दबाकर घूमता दिखाई दिया। इस दृश्य को देखकर अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना ने अस्पताल परिसर की सुरक्षा, साफ-सफाई और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Oct 27, 2026 - 13:45
पलामू MMCH में अमानवीय तस्वीर! नवजात का शव मुंह में दबाकर घूमता दिखा आवारा कुत्ता, अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल

पलामू: झारखंड के पलामू जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (MMCH) परिसर में मंगलवार सुबह करीब 10 बजे एक आवारा कुत्ता नवजात शिशु का शव मुंह में दबाकर घूमता दिखाई दिया। इस दृश्य को देखकर अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना ने अस्पताल परिसर की सुरक्षा, साफ-सफाई और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अस्पताल परिसर में मचा हड़कंप

जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह अस्पताल परिसर में एक आवारा कुत्ता नवजात का शव मुंह में दबाकर घूम रहा था। वहां मौजूद लोगों की नजर जब इस पर पड़ी, तो अस्पताल में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन और अस्पताल पुलिस चौकी के पदाधिकारी एवं जवान मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी जुटाने में लग गए।

हालांकि, नवजात का शव अस्पताल परिसर में कैसे पहुंचा और उसे वहां किसने छोड़ा, इसकी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। नवजात की पहचान और घटना से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच जरूरी है।

नवजात का शव कहां से आया, जांच का विषय

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि नवजात शिशु का शव अस्पताल परिसर में कैसे पहुंचा। क्या यह किसी प्रसव के दौरान मृत हुए बच्चे का शव था या मामला किसी अन्य परिस्थिति से जुड़ा है? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।

अस्पताल परिसर के आसपास संचालित निजी क्लीनिकों की संभावित भूमिका को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं, लेकिन बिना ठोस साक्ष्य किसी क्लीनिक, अस्पताल या व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।

अस्पताल की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में इस तरह की घटना सामने आने से सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। यदि नवजात का शव परिसर में लावारिस हालत में मिला है, तो यह पता लगाना जरूरी है कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इसकी जानकारी कब मिली और शव वहां तक कैसे पहुंचा।

घटना की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को परिसर की निगरानी व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए। साथ ही, पुलिस को घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामले की जांच करनी चाहिए।

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच से खुलेगा राज

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के दौरान नवजात की पहचान, मौत के कारण और शव अस्पताल परिसर तक पहुंचने की परिस्थितियों के बारे में क्या जानकारी सामने आती है। यदि किसी की लापरवाही या गैरकानूनी गतिविधि की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

फिलहाल इस घटना से जुड़े कई सवालों के जवाब मिलना बाकी है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि नवजात का शव अस्पताल परिसर में किन परिस्थितियों में पहुंचा और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।

यह घटना केवल अस्पताल की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि नवजात के शव के सम्मानजनक निपटान और स्वास्थ्य संस्थानों की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर मामला है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0