रांची में राजस्व कर्मचारियों पर डीसी सख्त, दलाल-बिचौलियों पर लगेगी रोक; लापरवाही पर कार्रवाई

रांची: राजधानी रांची में राजस्व कार्यों में लापरवाही, दाखिल-खारिज के लंबित मामलों और अंचल कार्यालयों में दलाल-बिचौलियों की सक्रियता को लेकर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने जिले के सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपनी कार्यशैली में सुधार करें और जनता से जुड़े मामलों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करें। कामकाज में लापरवाही या किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी।

Oct 29, 2026 - 09:56
Oct 29, 2026 - 09:57
रांची में राजस्व कर्मचारियों पर डीसी सख्त, दलाल-बिचौलियों पर लगेगी रोक; लापरवाही पर कार्रवाई

रांची: राजधानी रांची में राजस्व कार्यों में लापरवाही, दाखिल-खारिज के लंबित मामलों और अंचल कार्यालयों में दलाल-बिचौलियों की सक्रियता को लेकर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने जिले के सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपनी कार्यशैली में सुधार करें और जनता से जुड़े मामलों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करें। कामकाज में लापरवाही या किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी।

समाहरणालय के ब्लॉक-A स्थित सभागार में आयोजित बैठक में उपायुक्त ने राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अंचल कार्यालयों में दलालों और बिचौलियों की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए, ताकि आम लोगों को अपने काम के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

दाखिल-खारिज के लंबित मामलों पर डीसी की नजर

बैठक में उपायुक्त ने 30 दिनों और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित दाखिल-खारिज के मामलों की अंचलवार समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबे समय से लंबित भूमि संबंधी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।

उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अंचल अधिकारी लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित करें।

अंचल कार्यालयों में दलाल-बिचौलियों पर लगेगी रोक

उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने अंचल कार्यालयों में दलालों और बिचौलियों की गतिविधियों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम जनता को सरकारी सेवाएं प्राप्त करने के लिए किसी बिचौलिए का सहारा नहीं लेना पड़े।

उन्होंने राजस्व कर्मियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने, जिम्मेदारी के साथ काम करने और जनता की शिकायतों का गंभीरता से समाधान करने का निर्देश दिया। किसी भी तरह की लापरवाही या शिकायत सामने आने पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

आदिवासी जमीन के अवैध हस्तांतरण पर सख्ती

बैठक में आदिवासी भूमि के संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आदिवासी जमीन की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए। किसी भी स्थिति में आदिवासी भूमि पर अवैध कब्जा या गैरकानूनी हस्तांतरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों पर निगरानी रखने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

प्रमाण पत्र जारी करने में देरी नहीं करने का निर्देश

उपायुक्त ने पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र सहित विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों के निर्गमन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रमाण पत्र निर्धारित समय सीमा के भीतर जारी किए जाएं, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।

इसके अलावा, बैठक में उत्तराधिकार दाखिल-खारिज यानी सक्सेशन म्यूटेशन और भूमि नापी से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इन मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जनता दरबार की शिकायतों का हो त्वरित समाधान

उपायुक्त ने जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए। शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने के बजाय उनका त्वरित और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत पर उचित कार्रवाई हो और लोगों को उनके मामलों की स्थिति जानने के लिए बार-बार कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े।

अनुपस्थित कर्मचारी का वेतन रोकने का निर्देश

बैठक में बिना कारण बताए अनुपस्थित रहने वाले हल्का कर्मचारी-8 विजय उरांव के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। उपायुक्त ने उन्हें शो-कॉज नोटिस जारी करने और वेतन रोकने का निर्देश दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यों में अनुशासनहीनता और लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी कर्मचारियों को बैठकों में उपस्थित रहने और सौंपे गए दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का निर्देश दिया गया।

नामकुम, अनगड़ा और ओरमांझी में पर्यटन विकास पर जोर

बैठक के दौरान उपायुक्त ने नामकुम, अनगड़ा और ओरमांझी अंचलों में पर्यटन विकास की संभावनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने इन क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता और संभावित पर्यटन स्थलों के विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों का समुचित विकास होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

इसके साथ ही जिले में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि शिक्षण संस्थानों की स्थापना से स्थानीय विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और जिले के शैक्षणिक विकास को गति मिलेगी।

बैठक में अपर समाहर्ता रामनारायण सिंह, ट्रेनी आईएएस अधिकारी आस्था शरण, उपसमाहर्ता भूमि सुधार मुकेश कुमार, भू-अर्जन पदाधिकारी के.के. राजहंस, भू-बंदोबस्त पदाधिकारी आशुतोष ओझा, उप निदेशक सामाजिक सुरक्षा रविशंकर मिश्रा समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

उपायुक्त ने अंत में सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों को निर्देश दिया कि वे जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को बेहतर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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