बिहार में नकली दवाओं पर कसने जा रहा शिकंजा, शिकायत के लिए ई-मेल और हेल्पलाइन नंबर जारी

पटना, 28 अक्टूबर 2026: बिहार में नकली और अवमानक दवाओं के कारोबार पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करने की पहल की है। आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग ने शिकायत के लिए विशेष ई-मेल आईडी और फोन नंबर जारी किया है। स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

Oct 28, 2026 - 17:51
बिहार में नकली दवाओं पर कसने जा रहा शिकंजा, शिकायत के लिए ई-मेल और हेल्पलाइन नंबर जारी

दवाओं की गुणवत्ता से समझौता करने वालों पर होगी कार्रवाई, स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से मांगा सहयोग; ई-मेल पर कभी भी और फोन से कार्यदिवसों में दर्ज करा सकते हैं शिकायत

पटना, 28 अक्टूबर 2026: बिहार में नकली और अवमानक दवाओं के कारोबार पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करने की पहल की है। आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग ने शिकायत के लिए विशेष ई-मेल आईडी और फोन नंबर जारी किया है। स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

नकली और अवमानक दवाओं की शिकायत यहां करें

स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों के लिए ये संपर्क माध्यम जारी किए हैं:

  • ई-मेल: drugcomplaintbihar@gmail.com

  • फोन नंबर: 0612-4619634

  • फोन पर शिकायत का समय: सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक

विभाग के अनुसार, ई-मेल के माध्यम से किसी भी समय शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। वहीं, फोन नंबर पर निर्धारित कार्यदिवसों और समय के दौरान संपर्क किया जा सकेगा।

NSQ और सब-स्टैंडर्ड दवाओं पर रहेगी नजर

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी दवाओं से संबंधित जानकारी साझा करें, जो निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं। इनमें NSQ यानी Not of Standard Quality श्रेणी की दवाएं और सब-स्टैंडर्ड दवाएं शामिल हैं।

विभाग को प्राप्त शिकायतों के आधार पर आवश्यक जांच की जाएगी। जांच में अनियमितता सामने आने पर संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी संकोच के दवाओं की गुणवत्ता से जुड़ी गड़बड़ियों की सूचना दे सकें।

दवाओं की जांच और नियमित निरीक्षण पर जोर

स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने दवाओं की वैज्ञानिक जांच, गुणवत्ता मानकों के अनुपालन और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, नकली एवं अवमानक दवाओं के कारोबार में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और आम नागरिकों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य निगरानी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना और शिकायतों पर समयबद्ध जांच सुनिश्चित करना है। विभाग के मुताबिक, जनभागीदारी बढ़ने से दवाओं की गुणवत्ता से संबंधित अनियमितताओं की पहचान करने में मदद मिलेगी।

आम लोगों से सहयोग की अपील

दवाएं सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती हैं। ऐसे में उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि दवाओं की गुणवत्ता को लेकर किसी तरह की अनियमितता की जानकारी मिलने पर निर्धारित ई-मेल या फोन नंबर के माध्यम से शिकायत करें।

अब देखना होगा कि नई शिकायत व्यवस्था के जरिए नकली और अवमानक दवाओं के कारोबार पर अंकुश लगाने तथा दवाओं की गुणवत्ता की निगरानी को कितना प्रभावी बनाया जा सकेगा।

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