नाथनगर की काली पूजा में दिखेगी गंगा-जमुनी तहजीब की झलक, विसर्जन में अश्लील गानों और डीजे पर प्रतिबंध
भागलपुर: नाथनगर में इस बार काली पूजा आपसी भाईचारे, प्रेम और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बनेगी। राम-रहीम और गंगा-जमुनी तहजीब की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पूजा समितियों ने पर्व को शांतिपूर्ण और सद्भावपूर्ण माहौल में मनाने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा में अश्लील गानों और डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है।
भागलपुर: नाथनगर में इस बार काली पूजा आपसी भाईचारे, प्रेम और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बनेगी। राम-रहीम और गंगा-जमुनी तहजीब की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पूजा समितियों ने पर्व को शांतिपूर्ण और सद्भावपूर्ण माहौल में मनाने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा में अश्लील गानों और डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है।
काली पूजा और प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से नाथनगर सार्वजनिक पूजा समारोह समिति के अध्यक्ष पप्पू यादव की अध्यक्षता में मेढ़पतियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक नाथनगर थाना चौक स्थित रामजानकी ठाकुरबाड़ी, सुजापुर में हुई। इसमें पूजा की तैयारियों, विसर्जन जुलूस के संचालन और विधि-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रशासन और पूजा समिति मिलकर संभालेंगे व्यवस्था
बैठक में नाथनगर इंस्पेक्टर परमेश्वर सहनी, समिति के संरक्षक भवेश यादव, उपाध्यक्ष अमरकांत मंडल, महामंत्री देवाशीष बनर्जी, अशोक राय सहित शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के मेढ़पति उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सभी पूजा समितियों से प्रशासन और पुलिस के निर्देशों का पालन करने तथा विसर्जन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई। इस मौके पर मेढ़पतियों ने पूजा समिति के अध्यक्ष पप्पू यादव और नाथनगर थानाध्यक्ष का स्वागत भी किया।
अश्लील गानों और डीजे पर रहेगा प्रतिबंध
पूजा समिति के अध्यक्ष पप्पू यादव ने स्पष्ट किया कि प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा के दौरान अश्लील गाने नहीं बजाए जाएंगे। साथ ही डीजे पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि पूजा और विसर्जन का आयोजन धार्मिक मर्यादा, अनुशासन और आपसी सम्मान के साथ किया जाएगा।
पप्पू यादव ने कहा कि नाथनगर में हमेशा से राम-रहीम और गंगा-जमुनी तहजीब की परंपरा रही है। यहां सभी समुदाय के लोग मिल-जुलकर पर्व मनाते हैं। इस बार भी उसी भाईचारे और सद्भाव के साथ मां काली की पूजा की जाएगी।
उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि हर वर्ष प्रशासन का भरपूर सहयोग मिलता है और इस बार भी सभी के सामूहिक प्रयास से पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होगा।
10 नवंबर को चंपा नदी में होगा प्रतिमा विसर्जन
गौरतलब है कि नाथनगर में मां काली की प्रतिमाओं का विसर्जन 10 नवंबर को चंपा नदी में किया जाएगा। इसके लिए पूजा समितियां तैयारियों में जुटी हैं।
समिति ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से अपील की है कि वे आपसी सौहार्द बनाए रखें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और काली पूजा को प्रेम, शांति तथा भाईचारे के साथ मनाएं।
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