रांची की हवा सुधारने के लिए नगर निगम का बड़ा प्लान, धूल प्रदूषण रोकने से लेकर पौधारोपण तक उठेंगे कदम
रांची: राजधानी रांची में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए रांची नगर निगम ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस दिशा में नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने शुक्रवार को सिटी लेवल इंप्लीमेंटेशन कमेटी की 12वीं बैठक की। बैठक में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत अब तक किए गए कार्यों, खर्च की गई राशि और योजनाओं की भौतिक प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही प्रदूषण के प्रमुख कारणों की पहचान कर उनके नियंत्रण के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा हुई।
रांची: राजधानी रांची में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए रांची नगर निगम ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस दिशा में नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने शुक्रवार को सिटी लेवल इंप्लीमेंटेशन कमेटी की 12वीं बैठक की। बैठक में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत अब तक किए गए कार्यों, खर्च की गई राशि और योजनाओं की भौतिक प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही प्रदूषण के प्रमुख कारणों की पहचान कर उनके नियंत्रण के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा हुई।
बैठक में नगर आयुक्त ने अधिकारियों को उपलब्ध निधि का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शहर में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ योजनाबद्ध तरीके से काम करें।
निर्माण स्थलों को ग्रीन शीट से ढंकना अनिवार्य
शहर में धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर आयुक्त ने सभी निर्माणाधीन भवनों और कंस्ट्रक्शन साइट्स को ग्रीन शीट से ढंकने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके अलावा पेवर ब्लॉक लगाने, सड़कों की मरम्मत, पौधारोपण, शवदाह गृह और कचरा प्रबंधन जैसे कार्यों को शामिल करते हुए सैचुरेशन प्लान तैयार कर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजने का निर्देश दिया।
शहर में बढ़ेगा हरित आवरण, प्रदूषण की होगी वैज्ञानिक निगरानी
नगर निगम की हॉर्टिकल्चर शाखा को पौधारोपण के लिए उपयुक्त स्थलों की पहचान कर अधिकतम पौधे लगाने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। वहीं, शहर के अलग-अलग इलाकों में एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग के लिए वैज्ञानिक पद्धति से रूट प्लान तैयार करने और इसके क्रियान्वयन के लिए विशेष टीम गठित करने का निर्देश दिया गया।
नगर आयुक्त ने झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर रांची के पांच सर्वाधिक और पांच सबसे कम प्रदूषित स्थलों की पहचान कर रिपोर्ट मांगी। साथ ही दिन के किस समय पीएम-10 का स्तर सबसे अधिक और सबसे कम रहता है, इसकी जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा।
प्रदूषण से होने वाली बीमारियों पर भी तैयार होगी रिपोर्ट
बैठक में वायु प्रदूषण के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर भी चर्चा हुई। नगर आयुक्त ने स्वास्थ्य शाखा को प्रदूषण के कारण होने वाली बीमारियों और उनके दुष्प्रभावों से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। इसके अलावा विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से लोगों को प्रदूषण के प्रति जागरूक करने का निर्णय लिया गया।
अभियंत्रण शाखा को लंबित योजनाओं और कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया।
नगर आयुक्त की शहरवासियों से अपील
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि रांची की वायु गुणवत्ता में सुधार करना नगर निगम की सतत और सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रदूषण के स्रोतों पर नियंत्रण, हरित आवरण का विस्तार, वैज्ञानिक निगरानी और जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि निर्माण कार्यों के दौरान धूल नियंत्रण के नियमों का पालन करें, खुले में कचरा नहीं जलाएं और अधिक से अधिक पौधे लगाएं।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक शहरवासी की भागीदारी जरूरी है।
बैठक में सहायक नगर आयुक्त निकेश कुमार, सहायक नगर आयुक्त निहारिका तिर्की, कार्यपालक अभियंता संजीव कुमार, रामबदन सिंह, वन प्रमंडल रांची के विशेष कार्य पदाधिकारी गोरख नाथ यादव, सहायक लोक स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. आनंद शेखर झा, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की सहायक पर्यावरण अभियंता माला कुमारी सहित नगर निगम के अभियंता एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
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