बिहार के दिग्गज नेता और SIS ग्रुप के संस्थापक आरके सिन्हा का निधन, नोएडा में ली अंतिम सांस; पटना में होंगे अंतिम दर्शन
पटना/नोएडा: बिहार के वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और प्रसिद्ध उद्योगपति डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा (आरके सिन्हा) का शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया। उन्होंने नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से बिहार समेत देश के राजनीतिक, सामाजिक और कारोबारी जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। आरके सिन्हा भारतीय जनता पार्टी के शुरुआती दौर के नेताओं में शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने SIS ग्रुप की स्थापना कर निजी सुरक्षा सेवाओं के क्षेत्र में देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बनाई थी।
पटना/नोएडा: बिहार के वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और प्रसिद्ध उद्योगपति डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा (आरके सिन्हा) का शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया। उन्होंने नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से बिहार समेत देश के राजनीतिक, सामाजिक और कारोबारी जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। आरके सिन्हा भारतीय जनता पार्टी के शुरुआती दौर के नेताओं में शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने SIS ग्रुप की स्थापना कर निजी सुरक्षा सेवाओं के क्षेत्र में देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बनाई थी।
भाजपा के शुरुआती दौर से जुड़े रहे आरके सिन्हा
डॉ. आरके सिन्हा भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे। जनसंघ के दौर से ही उनका राजनीतिक और संगठनात्मक सफर शुरू हुआ था। बिहार भाजपा में उनका विशेष स्थान रहा। उन्होंने लंबे समय तक संगठन के लिए काम किया और पार्टी को मजबूत बनाने में योगदान दिया।
वर्ष 2014 में वे बिहार से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए और 2020 तक सांसद रहे। अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने संगठन, समाज सेवा और सार्वजनिक मुद्दों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य किए।
1974 में SIS ग्रुप की रखी थी नींव
राजनीति के साथ-साथ आरके सिन्हा ने कारोबार की दुनिया में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। उन्होंने वर्ष 1974 में पटना से सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज (SIS) की शुरुआत की थी।
एक छोटे स्तर से शुरू हुआ यह संस्थान आगे चलकर निजी सुरक्षा और मानव संसाधन सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा समूह बन गया। उनके नेतृत्व में SIS ग्रुप ने भारत के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान बनाई।
उनकी उद्यमशीलता ने सुरक्षा सेवा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा किए। हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाले इस संस्थान को स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पत्रकारिता से शुरू हुआ था सार्वजनिक जीवन
आरके सिन्हा का जीवन केवल राजनीति और कारोबार तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की थी। अपराध और राजनीतिक घटनाओं की रिपोर्टिंग के क्षेत्र में भी उन्होंने काम किया था।
पत्रकारिता, राजनीति, लेखन, सामाजिक सेवा और उद्यमिता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उनकी सक्रियता ने उन्हें बिहार की जानी-मानी हस्तियों में शामिल किया।
अंतिम दर्शन के लिए पटना लाया जाएगा पार्थिव शरीर
डॉ. आरके सिन्हा के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए नोएडा से पटना लाया जाएगा। पटना के पाटलिपुत्र स्थित अन्नपूर्णा भवन में लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे।
फिलहाल पार्थिव शरीर के पटना पहुंचने का समय और अंतिम संस्कार की विस्तृत रूपरेखा सार्वजनिक नहीं की गई है। परिवार की ओर से कार्यक्रम से संबंधित जानकारी बाद में साझा किए जाने की बात कही गई है।
राजनीतिक और कारोबारी जगत में शोक
आरके सिन्हा के निधन की खबर सामने आने के बाद भाजपा नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कारोबारी जगत से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया है। उनके निधन को बिहार के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
बिहार ने आज एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसने पत्रकारिता से लेकर राजनीति और उद्योग जगत तक अपनी अलग पहचान बनाई। भाजपा के वरिष्ठ नेता और SIS ग्रुप के संस्थापक के रूप में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।
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