मगध विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर सड़क सुरक्षा को लेकर नुक्कड़ नाटक, छात्रों ने उठाई फुट ओवरब्रिज की मांग

डोभी-पटना राजमार्ग पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एनएसएस का जागरूकता अभियान, लिफ्टयुक्त फुट ओवरब्रिज बनाने की अपील

Oct 29, 2026 - 19:21
मगध विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर सड़क सुरक्षा को लेकर नुक्कड़ नाटक, छात्रों ने उठाई फुट ओवरब्रिज की मांग

बोधगया। मगध विश्वविद्यालय, बोधगया की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई की ओर से विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर सड़क सुरक्षा जागरूकता को लेकर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से स्वयंसेवकों ने डोभी-पटना राजमार्ग पर बढ़ते दुर्घटना के खतरे के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए यातायात नियमों के पालन और सुरक्षित सड़क आवागमन का संदेश दिया। विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने स्थित चौराहे पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण लगातार दुर्घटनाएं होने की बात सामने आई है। इस मार्ग पर हर महीने कई लोगों की जान जाने की आशंका जताते हुए एनएसएस इकाई ने इसे गंभीर सड़क सुरक्षा समस्या बताया। इस संबंध में जिला प्रशासन से लेकर संबंधित मंत्रालय तक पत्राचार किए जाने के बावजूद अब तक ठोस पहल नहीं होने पर चिंता व्यक्त की गई। एनएसएस इकाई ने मांग की कि विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने सड़क पार करने वाले विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाए। यदि यह संभव नहीं हो, तो दोनों ओर सुरक्षित आवागमन के लिए लिफ्टयुक्त फुट ओवरब्रिज बनाया जाए। इकाई का उद्देश्य है कि इस स्थान पर होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगे और किसी को अपनी जान न गंवानी पड़े। कार्यक्रम एनएसएस समन्वयक डॉ. पिंटू कुमार के मार्गदर्शन तथा एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. रविन्द्र सिंह के निर्देशन में आयोजित किया गया। नुक्कड़ नाटक में स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग के स्वयंसेवक श्वेता कुमारी, धीरज कुमार, राहुल कुमार, बिट्टू कुमार, चंदन कुमार, खुशबू कुमारी एवं प्रेम कुमार ने सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रस्तुति के माध्यम से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने तथा सड़क पार करने से पहले दोनों ओर देखकर सावधानी बरतने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर डॉ. रविन्द्र सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। यातायात नियमों का पालन, सावधानीपूर्वक वाहन संचालन और पैदल यात्रियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता अपनाकर अनेक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। एनएसएस इकाई ने स्पष्ट किया कि वह जागरूकता अभियान के साथ-साथ विश्वविद्यालय के आसपास सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों और राज्य के सड़क एवं परिवहन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी प्रयासरत है। इकाई ने भविष्य में भी जनहित और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।

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