रांची में डॉक्टरों और अस्पतालों के प्रचार पर शिकंजा, 8 को झारखंड स्टेट मेडिकल काउंसिल का नोटिस
रांची: राजधानी रांची की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग व पोस्टर लगाकर अपना प्रचार करने वाले डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ झारखंड स्टेट मेडिकल काउंसिल ने कार्रवाई शुरू कर दी है। काउंसिल ने ऐसे आठ डॉक्टरों और अस्पतालों को नोटिस जारी कर चिकित्सकीय आचार संहिता के कथित उल्लंघन पर जवाब मांगा है।
रांची: राजधानी रांची की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग व पोस्टर लगाकर अपना प्रचार करने वाले डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ झारखंड स्टेट मेडिकल काउंसिल ने कार्रवाई शुरू कर दी है। काउंसिल ने ऐसे आठ डॉक्टरों और अस्पतालों को नोटिस जारी कर चिकित्सकीय आचार संहिता के कथित उल्लंघन पर जवाब मांगा है।
नोटिस निबंधक सह सचिव डॉ. बिमलेश सिंह की ओर से जारी किया गया है। इसमें संबंधित डॉक्टरों और अस्पतालों को चिकित्सकीय आचार संहिता के प्रावधानों की जानकारी देते हुए यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग और पोस्टर लगाने के मामले में नियमों का उल्लंघन क्यों हुआ।
होर्डिंग और पोस्टर के जरिए प्रचार पर कार्रवाई
रांची में विभिन्न सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर डॉक्टरों तथा अस्पतालों के प्रचार से जुड़े होर्डिंग और पोस्टर लगाए जाने का मामला सामने आया है। इसके बाद झारखंड स्टेट मेडिकल काउंसिल ने इस पर संज्ञान लेते हुए संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया।
काउंसिल की कार्रवाई का उद्देश्य चिकित्सकीय आचार संहिता के पालन को सुनिश्चित करना है। चिकित्सा पेशे से जुड़े लोगों को निर्धारित नैतिक मानकों और नियमों के अनुसार काम करना होता है। ऐसे में प्रचार-प्रसार के तरीके भी नियामकीय प्रावधानों के दायरे में आते हैं।
आठ डॉक्टरों और अस्पतालों से मांगा गया जवाब
काउंसिल की ओर से जारी नोटिस में आठ डॉक्टरों और अस्पतालों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। नोटिस में संबंधित आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कथित उल्लंघन के संबंध में जवाब देने को कहा गया है।
अब संबंधित डॉक्टरों और अस्पतालों के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय हो सकती है। फिलहाल नोटिस जारी होने का अर्थ अंतिम रूप से दोषी ठहराया जाना नहीं है। मामले में संबंधित पक्षों का स्पष्टीकरण और काउंसिल का अगला निर्णय महत्वपूर्ण होगा।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
इस मामले में अब झारखंड स्टेट मेडिकल काउंसिल के अगले कदम पर नजर रहेगी। संबंधित पक्षों के जवाब की समीक्षा के बाद यह तय किया जाएगा कि आगे किसी तरह की नियामकीय कार्रवाई की आवश्यकता है या नहीं।
रांची में सामने आए इस मामले ने डॉक्टरों और अस्पतालों के प्रचार-प्रसार के तरीकों तथा चिकित्सकीय आचार संहिता के पालन को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।
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