बेटी की शादी के बाद सरेंडर करेंगे अनंत सिंह, सुप्रीम कोर्ट ने 1 दिसंबर तक दिया समय; 67 आपराधिक मामलों का जिक्र
पटना: मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द करते हुए 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए उनके खिलाफ दर्ज 67 आपराधिक मामलों का जिक्र किया गया। शीर्ष अदालत के आदेश के बाद इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पटना: मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द करते हुए 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए उनके खिलाफ दर्ज 67 आपराधिक मामलों का जिक्र किया गया। शीर्ष अदालत के आदेश के बाद इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बेटी की शादी के बाद सरेंडर करने की कही थी बात
सुनवाई के दौरान अनंत सिंह की ओर से बेटी की शादी का हवाला देते हुए शादी संपन्न होने के बाद आत्मसमर्पण करने की बात कही गई थी। याचिकाकर्ता की वकील शिल्पी चौधरी ने सुनवाई के बाद यह जानकारी दी।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने आत्मसमर्पण के लिए 1 दिसंबर की समयसीमा निर्धारित कर दी है। ऐसे में अनंत सिंह को अदालत के निर्देश का पालन करते हुए निर्धारित तारीख तक सरेंडर करना होगा।
67 आपराधिक मामलों का अदालत में किया गया जिक्र
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील अमरकांत पटेल ने अनंत सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड का उल्लेख किया। उन्होंने अदालत को बताया कि अनंत सिंह के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और जबरन वसूली जैसे गंभीर आरोपों से संबंधित कुल 67 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
वकील ने यह भी कहा कि अनंत सिंह ने चुनाव के दौरान दाखिल अपने हलफनामे में इन मुकदमों और उनकी कानूनी स्थिति का उल्लेख किया था।
हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ मामले दर्ज होना अपने आप में उन सभी मामलों में दोषसिद्धि का प्रमाण नहीं है। प्रत्येक मामले की कानूनी स्थिति अलग हो सकती है।
जांच एजेंसी को चार महीने में जांच पूरी करने का निर्देश
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसी को चार महीने के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश भी दिया है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित रिपोर्ट के आधार पर मामले को दोबारा अदालत में सूचीबद्ध किया जाएगा।
इसके बाद अदालत जांच की प्रगति और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर विचार कर सकती है। जांच पूरी करने की समयसीमा इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अक्टूबर 2025 के हत्याकांड से जुड़ा है मामला
गौरतलब है कि अक्टूबर 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। इस हत्याकांड में मोकामा विधायक अनंत सिंह का नाम सामने आया था। मामले में पटना हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।
अब शीर्ष अदालत द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करना होगा। साथ ही, जांच एजेंसी को निर्धारित चार महीने के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
अनंत सिंह के अगले कदम पर टिकी नजरें
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब सबकी नजरें अनंत सिंह के अगले कदम पर टिकी हैं। बेटी की शादी के बाद सरेंडर करने की बात और अदालत की ओर से निर्धारित समयसीमा के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह कब आत्मसमर्पण करते हैं।
दूसरी ओर, जांच एजेंसी की रिपोर्ट और आगे होने वाली न्यायिक सुनवाई भी इस मामले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
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