अनंत सिंह की जमानत रद्द होने के बाद फिर चर्चा में आया नीरज कुमार का संकल्प, बोले थे- दादा के हत्यारों को सजा मिलने तक चैन नहीं
पटना: बिहार के चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह की पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत रद्द कर दी गई है। साथ ही शीर्ष अदालत ने उन्हें 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। इस घटनाक्रम के बीच दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार का पुराना बयान भी चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने अपने दादा की हत्या के आरोपियों को सजा मिलने तक चैन से नहीं बैठने का संकल्प लिया था।
पटना: बिहार के चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह की पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत रद्द कर दी गई है। साथ ही शीर्ष अदालत ने उन्हें 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। इस घटनाक्रम के बीच दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार का पुराना बयान भी चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने अपने दादा की हत्या के आरोपियों को सजा मिलने तक चैन से नहीं बैठने का संकल्प लिया था।
दादा की हत्या के बाद नीरज कुमार ने लिया था संकल्प
दुलारचंद यादव की हत्या के बाद उनके पोते नीरज कुमार ने सार्वजनिक रूप से न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि जब तक उनके दादा की हत्या के सभी पांच आरोपित गिरफ्तार नहीं होते और उन्हें सजा नहीं मिलती, तब तक वह चैन से नहीं बैठेंगे।
नीरज कुमार ने इस दौरान ब्रह्मभोज नहीं करने की बात भी कही थी। उनके इस बयान को अपने दादा की हत्या के मामले में न्याय की मांग से जोड़कर देखा गया था।
अनंत सिंह पर लगाए थे गंभीर आरोप
घटना के बाद नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर अपने दादा की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी थी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया था कि घटना से पहले उनके दादा को चुनाव प्रचार से हटने के लिए धमकी दी गई थी।
नीरज कुमार ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस आरोपितों को बचाने और अनंत सिंह की मदद करने की कोशिश कर रही है।
हालांकि, ये आरोप नीरज कुमार के बयानों और मामले में दर्ज शिकायत से संबंधित हैं। आरोपों को अदालत में साबित होना अलग विषय है और मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष को ध्यान में रखना जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की अनंत सिंह की जमानत
दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। नीरज कुमार की याचिका पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने 30 अक्टूबर को अनंत सिंह की जमानत रद्द कर दी और उन्हें 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अनंत सिंह की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब निर्धारित समयसीमा के भीतर उनके आत्मसमर्पण और मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।
बिहार की राजनीति में फिर चर्चा के केंद्र में हत्याकांड
दुलारचंद यादव हत्याकांड ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक माहौल में काफी सुर्खियां बटोरी थीं। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।
एक ओर अनंत सिंह की जमानत रद्द होने और आत्मसमर्पण के आदेश की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर नीरज कुमार के पुराने बयान को भी याद किया जा रहा है। उनके संकल्प और न्याय की मांग ने मामले को फिर से सार्वजनिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
अब आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करना है। वहीं, दुलारचंद यादव के परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की प्रक्रिया में क्या प्रगति होती है।
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