गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए केंद्र सरकार का बड़ा कदम, बनेगा राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड; कल्याणकारी योजनाओं की मिलेगी निगरानी
नई दिल्ली: देश के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों श्रमिकों और गिग व प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड (National Social Security Board for Unorganised Workers and Gig & Platform Workers) के गठन की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस पहल का उद्देश्य असंगठित श्रमिकों के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म और गिग इकोनॉमी में काम करने वाले लोगों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है।
नई दिल्ली: देश के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों श्रमिकों और गिग व प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड (National Social Security Board for Unorganised Workers and Gig & Platform Workers) के गठन की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस पहल का उद्देश्य असंगठित श्रमिकों के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म और गिग इकोनॉमी में काम करने वाले लोगों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है।
यह बोर्ड सामाजिक सुरक्षा संहिता (Code on Social Security) के तहत गठित किया गया है। इसके माध्यम से सरकार ऐसे श्रमिकों के लिए कल्याणकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने, उनकी निगरानी करने और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी जरूरतों पर सुझाव प्राप्त करने की व्यवस्था मजबूत करना चाहती है।
केंद्रीय श्रम मंत्री करेंगे बोर्ड की अध्यक्षता
राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री करेंगे। बोर्ड में केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के अलावा एग्रीगेटर कंपनियों, नियोक्ताओं, नागरिक संगठनों, श्रमिक यूनियनों और गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स के संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
इसमें अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों की भागीदारी का उद्देश्य श्रमिकों की समस्याओं और जरूरतों को समझकर उनके लिए प्रभावी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की सिफारिश करना है।
साल में कम से कम तीन बार होगी बैठक
सरकार की अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की बैठक साल में कम से कम तीन बार आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में केंद्रीय सरकार द्वारा निर्धारित कार्य संचालन और प्रक्रिया से जुड़े नियमों का पालन किया जाएगा।
बोर्ड सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन और उनकी प्रभावशीलता की समीक्षा भी करेगा।
गिग वर्कर्स के लिए तैयार होंगी विशेष कल्याणकारी योजनाएं
बोर्ड का सबसे महत्वपूर्ण काम असंगठित श्रमिकों, गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के अलग-अलग वर्गों के लिए उपयुक्त सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की सिफारिश करना होगा।
इसके अलावा बोर्ड के प्रमुख कार्यों में शामिल हैं:
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असंगठित श्रमिकों, गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं की सिफारिश करना।
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सामाजिक सुरक्षा संहिता के प्रशासन से जुड़े मामलों में केंद्र सरकार को सलाह देना।
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केंद्र सरकार की ओर से संचालित सामाजिक कल्याण योजनाओं की निगरानी करना।
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राज्य स्तर पर श्रमिकों से जुड़े रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था की समीक्षा करना।
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सामाजिक सुरक्षा कोष और खातों से होने वाले खर्च की समीक्षा करना।
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केंद्र सरकार की ओर से सौंपे गए अन्य कार्यों को पूरा करना।
क्या होगा गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को फायदा?
आज के समय में बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन डिलीवरी, कैब सर्विस, ई-कॉमर्स, फूड डिलीवरी और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से काम कर रहे हैं। ऐसे श्रमिकों को पारंपरिक रोजगार व्यवस्था से अलग तरीके से काम करना पड़ता है।
राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के गठन से इन श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को विकसित करने और उनकी जरूरतों को सरकारी नीति में जगह देने का संस्थागत रास्ता मजबूत होगा।
हालांकि, बोर्ड के गठन का मतलब यह नहीं है कि सभी श्रमिकों को तत्काल कोई निश्चित आर्थिक लाभ या बीमा सुविधा मिलना शुरू हो गई है। इसके लिए योजनाओं का निर्धारण, सिफारिश और क्रियान्वयन जरूरी होगा।
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