बेंगलुरु में ED को बड़ी सफलता: आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व आबकारी गार्ड और बेटी को जेल, 5 संपत्तियां जब्त करने का आदेश
बेंगलुरु: कर्नाटक में आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ी कानूनी सफलता मिली है। बेंगलुरु की विशेष अदालत ने सेवानिवृत्त आबकारी विभाग के कर्मचारी एम. रामचंद्र और उनकी बेटी आर. युरेखा को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत दोषी ठहराते हुए जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों की पांच अचल संपत्तियों को जब्त कर केंद्र सरकार को हस्तांतरित करने का भी आदेश दिया है।
बेंगलुरु: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बेंगलुरु कार्यालय ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में रिटायर्ड आबकारी गार्ड एम. रामचंद्र और उनकी बेटी आर. युरेखा के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत दोषसिद्धि हासिल की है। विशेष अदालत ने 14 अक्टूबर 2026 को इस मामले में अपना आदेश सुनाया।
यह मामला कथित तौर पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में PMLA के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की थी। अदालत के आदेश के बाद दोनों के खिलाफ मामले में दोषसिद्धि दर्ज की गई है।
PMLA यानी धन शोधन निवारण अधिनियम का इस्तेमाल धन शोधन से जुड़े अपराधों की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए किया जाता है। आय से अधिक संपत्ति के मामलों में संपत्ति के स्रोत, संबंधित वित्तीय लेन-देन और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होती है।
हालांकि, अदालत द्वारा सुनाई गई सजा, दोषसिद्धि के विस्तृत आधार, संपत्ति की कुल राशि और मामले में ED की जांच से जुड़े अन्य तथ्यों का विवरण आधिकारिक आदेश से सत्यापित किया जाना चाहिए।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0







