अनंत सिंह की विधायकी पर अभी नहीं होगा फैसला, विधानसभा अध्यक्ष ने भेजा नोटिस; साक्ष्यों की जांच जारी

पटना: बिहार की राजनीति में मोकामा विधायक अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर हलचल तेज हो गई है। दुलारचंद यादव हत्याकांड और जदयू की शिकायत के बाद उनकी विधायकी पर सबकी नजरें टिकी हैं। इस बीच बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने स्पष्ट किया है कि अनंत सिंह की सदस्यता पर तत्काल कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। मामले में नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी और विधायक का पक्ष जानने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर विचार होगा।

Oct 30, 2026 - 16:11
अनंत सिंह की विधायकी पर अभी नहीं होगा फैसला, विधानसभा अध्यक्ष ने भेजा नोटिस; साक्ष्यों की जांच जारी

पटना: बिहार की राजनीति में मोकामा विधायक अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर हलचल तेज हो गई है। दुलारचंद यादव हत्याकांड और जदयू की शिकायत के बाद उनकी विधायकी पर सबकी नजरें टिकी हैं। इस बीच बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने स्पष्ट किया है कि अनंत सिंह की सदस्यता पर तत्काल कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। मामले में नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी और विधायक का पक्ष जानने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर विचार होगा।

जदयू की शिकायत के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने भेजा नोटिस

मिली जानकारी के अनुसार, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की ओर से अनंत सिंह के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में विधायक पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। इसके समर्थन में वीडियो, समाचार पत्रों की कटिंग और अन्य दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए हैं।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। अनंत सिंह को नोटिस भेजकर उनका जवाब मांगा गया है। अब उनके जवाब और शिकायत के साथ प्रस्तुत साक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी।

जवाब मिलने के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

विधानसभा अध्यक्ष ने संकेत दिया है कि किसी विधायक की सदस्यता से जुड़े मामले में जल्दबाजी में फैसला नहीं लिया जा सकता। इसके लिए निर्धारित नियमों और कानूनी प्रावधानों का पालन करना आवश्यक है। संबंधित विधायक को अपना पक्ष रखने का अवसर देना भी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

ऐसे में अनंत सिंह की विधायकी पर फिलहाल तत्काल कोई निर्णय नहीं होने जा रहा है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि उनकी सदस्यता पर भविष्य में कार्रवाई नहीं हो सकती। अंतिम निर्णय शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों, विधायक के जवाब और लागू नियमों के आधार पर लिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से भी बढ़ी अनंत सिंह की मुश्किलें

दूसरी ओर, दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह की कानूनी मुश्किलें भी बढ़ी हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द करते हुए उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। इस घटनाक्रम के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

इस मामले में एक तरफ जदयू की शिकायत पर विधानसभा अध्यक्ष के स्तर से प्रक्रिया चल रही है, तो दूसरी तरफ हत्याकांड से जुड़ा कानूनी मामला भी उनके लिए चुनौती बना हुआ है।

अब अनंत सिंह के जवाब पर टिकी नजरें

फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष सबसे अहम सवाल यह है कि अनंत सिंह अपनी सफाई में क्या जवाब देते हैं और शिकायत के साथ प्रस्तुत साक्ष्यों की समीक्षा के बाद क्या निष्कर्ष निकलता है। इसके बाद ही उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

कुल मिलाकर, अनंत सिंह की विधायकी पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। विधानसभा अध्यक्ष ने नोटिस भेजकर जवाब मांगा है और मामले की समीक्षा जारी है। आने वाले दिनों में विधायक का जवाब और उस पर होने वाली कार्रवाई बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0